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पूर्णिया के बनमनखी मुख्य बाजार में नशीली और अवैध दवाओं के कारोबार पर कार्रवाई की गई है। उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने साही डिस्ट्रीब्यूटर पर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन और संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं। यह कार्रवाई औषधि निरीक्षक रंजन कुमार के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी में एक अवैध गोदाम का खुलासा हुआ। गोदाम से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन और संदिग्ध नकली दवाएं जब्त की गईं। कार्रवाई के बाद साही डिस्ट्रीब्यूटर के संचालक को हिरासत में ले लिया गया है। घटनास्थल पर मौजूद बनमनखी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जब्त दवाओं को कब्जे में लिया और एजेंसी के संचालक उमेश कुमार को हिरासत में ले लिया। डिस्ट्रीब्यूटर के ठिकाने पर छापा
औषधि निरीक्षक रंजन कुमार ने पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के सख्त निर्देशों के आलोक में जिले भर में अवैध और नशीली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साही डिस्ट्रीब्यूटर के ठिकाने पर गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान एक्साइज विभाग की टीम ने अवैध गोदाम का पता लगाया। संचालक उमेश कुमार ने गोदाम को अपना स्वीकार किया। इसके बाद उसे खुलवाकर तलाशी ली गई, तो वहां से कुल 1 हज़ार 20 एम्पुल पेंटाजोसिन 30 एमजी इंजेक्शन बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित एमआरपी कीमत 45 हज़ार 666 रुपए बताई रही है। इसके अलावा संदेह के घेरे में कुल 290 स्ट्रिप ज़ीरोडोल एसपी टैबलेट बरामद किए हैं।
संचालक को पुलिस के हवाले कर दिया
औषधि निरीक्षक रंजन कुमार ने बताया कि बिहार में पेंटाजोसिन जैसी इंजेक्शन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नशा करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ये दवाएं किसी पंजीकृत या लाइसेंसी दुकान से बरामद होती, तो यह माना जा सकता था कि इनका उपयोग चिकित्सकीय कार्यों के लिए होना था। परंतु, इनकी बरामदगी एक अवैध और अघोषित गोदाम से हुई है। इससे प्रथम दृष्टया स्पष्ट होता है कि इन प्रतिबंधित दवाओं का भंडारण अवैध बिक्री और नशा आपूर्ति के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि बरामद जीरोडोल एसपी टैबलेट्स के संदिग्ध होने की स्थिति में जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सत्य और गड़बड़ पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से अवैध गोदाम को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और हिरासत में लिए गए प्रतिष्ठान संचालक उमेश कुमार को बनमनखी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
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