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कैमूर जिला प्रशासन ने आम लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जन-संवाद अभियान चलाया। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय में जिलाधिकारी के जनता दरबार में कुल 58 आवेदन प्राप्त हुए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का तय समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया। अभियान के तहत जिला मुख्यालय से लेकर दूर-दराज की ग्रामीण पंचायतों तक जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। ऑनलाइन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, जिला मुख्यालय में 15 अधिकारियों ने 6 नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। 11 प्रखंडों में 19 अधिकारियों ने 47 शिकायतें सुनी वहीं, जिले के सभी 11 प्रखंडों में 19 अधिकारियों की मौजूदगी में 47 लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज कराईं। जिला नोडल अधिकारी के अनुसार, जन-संवाद के दौरान सामने आए फीडबैक से लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। अधिकारियों को शिकायतों की समीक्षा कर संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अभियान बसेरा-2 के 14 लाभार्थियों ने रखीं समस्याएं जनता दरबार में अभियान बसेरा-2 से जुड़े 14 लाभार्थियों ने भी अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। इस अभियान के तहत भूमिहीन और पात्र परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई जाती है। डीएम ने लाभार्थियों को स्पष्ट किया कि भूमि बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र संबंधित अंचल कार्यालयों से ही जारी किए जाएंगे। इसके लिए लाभार्थियों को राज्य स्तरीय कार्यालयों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। अंचल स्तर पर ही होगा प्रमाण-पत्र का वितरण डीएम ने अपर समाहर्ता और सभी अंचलाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा गया कि भूमि बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र का वितरण अंचल स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें अपने काम के लिए दूर के कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
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कैमूर में डीएम ने लगाया जनता दरबार, 58 आवेदन आए:अभियान बसेरा-2 के लाभार्थियों को अंचल से मिलेगा प्रमाण-पत्र
