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दरभंगा स्नातक सीट से निर्दलीय लड़ेंगे छात्र नेता दिलीप:11 साल से पेपरलीक-भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का दावा; युवाओं के लिए वैकेंसी होंगे मुद्दे




दरभंगा के बेनीपुर प्रखंड के दाथ गांव स्थित अपने ससुराल में बुधवार को बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार ने पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आगामी विधान परिषद चुनाव में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 11 वर्षों से बिहार में पेपरलीक, धांधली, सेटिंग और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करते रहे हैं। साथ ही युवाओं के लिए वैकेंसी निकालने, समय पर प्रतियोगी परीक्षाएं कराने और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर संघर्ष किया है। अब इन्हीं छात्र और युवा हित के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। पांच प्रतियोगी परीक्षाओं में आंदोलन का दावा दिलीप कुमार ने अपने आंदोलनों से जुड़े कई दावे भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने रखे। उन्होंने कहा कि बिहार की पांच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपरलीक और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन किया गया। उनके अनुसार, इन आंदोलनों के बाद परीक्षाएं रद्द हुईं और मामलों में कार्रवाई भी हुई। उन्होंने 67वीं BPSC सिविल सेवा परीक्षा, BSSC CGL-3, सिपाही भर्ती परीक्षा, TRE-3 शिक्षक भर्ती और AEDO परीक्षा का उल्लेख किया। डोमिसाइल समेत कई मुद्दों पर आंदोलन की बात छात्र नेता ने कहा कि BPSC TRE शिक्षक भर्ती, लाइब्रेरियन, लिपिक और परिचारी की नियुक्तियों में बिहार के युवाओं के हित में आंदोलन किया गया। उनका दावा है कि इसके बाद नियुक्तियों में डोमिसाइल से जुड़े प्रावधान लागू किए गए। उन्होंने महिला और दिव्यांग आरक्षण में बिहार के अभ्यर्थियों के लिए 100 प्रतिशत डोमिसाइल लागू होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि पहले बिहार से बाहर की महिला अभ्यर्थियों को भी बिहार में महिला आरक्षण का लाभ मिलने की व्यवस्था थी, जबकि अब उनके अनुसार बिहार की महिलाओं को ही इसका लाभ मिल रहा है। इसी तरह दिव्यांग आरक्षण का लाभ भी बिहार के अभ्यर्थियों तक सीमित किए जाने का उन्होंने दावा किया। BPSC, शिक्षक नियुक्ति और विश्वविद्यालयों के मुद्दे उठाए दिलीप कुमार ने कहा कि BPSC सिविल सेवा परीक्षा को वर्ष 2018 से हर साल आयोजित कराने की मांग भी लगातार उठाई गई। इसके अलावा BPSC के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति, विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र में सुधार और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर भी आंदोलन किया गया। उन्होंने दावा किया कि अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति प्रतियोगी परीक्षा पास कर AEDO बनने वाले अभ्यर्थियों के प्रमोशन के माध्यम से होगी। वहीं TRE-4 में एकल परीक्षा और ‘वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट’ लागू कराने का भी उन्होंने दावा किया। सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील दिलीप कुमार ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से पार्टी पॉलिटिक्स से ऊपर उठकर छात्र और युवा हित के मुद्दों पर उनका साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में युवाओं के लिए किए गए आंदोलनों और संघर्ष का लाभ सभी राजनीतिक दलों से जुड़े परिवारों के युवाओं को मिला है। इसलिए अब सभी दलों को छात्र हित में उनका साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपरलीक पर रोक, समय पर परीक्षा, पर्याप्त वैकेंसी और अभ्यर्थियों के हित उनके प्रमुख मुद्दे होंगे। इन्हीं मुद्दों को लेकर वह दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।



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