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‘नाना आगे-आगे चल रहे थे और मैं उनके पीछे थी। शनिवार की सुबह हम दोनों रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। तभी अचानक बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और नाना पर गोलियां चलाने लगे। कुछ समझ पाती, इससे पहले ही फायरिंग शुरू हो गई। अचानक हुई गोलीबारी से मैं बुरी तरह घबरा गई। नाना को गोलियां लगने के बाद वह सड़क पर गिर पड़े। इससे पहले 28 अगस्त को भी नाना के घर पर फायरिंग हुई थी। उस दिन वह बाल-बाल बच गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना रोज का रूटीन नहीं बदला’ ये कहना है, डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया गांव निवासी बैद्यनाथ महतो की नातिन स्नेहा कुमारी का, जो पूरे घटना की चश्मदीद भी है। देखें, मौके से आई 3 तस्वीरें … सीतामढ़ी के डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया गांव में शनिवार की सुबह जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुश्दिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। रोज की तरह वह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। रामपट्टी चौक के पास श्मशान घाट के समीप पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया । हत्या की खबर गांव में फैलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। और देखते ही देखते लोगों ने पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। पुलिस की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की। SP-DSP के वाहनों के अलावा 8 थानों की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। 2 इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सिलसिलेवार पढें, पूरा मामला… बदमाशों ने की फायरिंग, मौके से फरार हमलावरों ने बैद्यनाथ महतो को बेहद करीब से निशाना बनाया। शरीर में 8 गोलियां लगी हैं। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। दिन निकलते ही हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 28 अगस्त की रात घर पर भी चली थी गोली बैद्यनाथ महतो पर इससे पहले भी हमला हो चुका था। 28 अगस्त की रात करीब डेढ़ बजे उनके घर की खिड़की के पास फायरिंग की गई थी। परिजनों के मुताबिक गोली घर के अंदर सो रहे परिवार के सदस्यों के बेहद करीब से निकल गई थी। घटना के बाद 29 अगस्त को डुमरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। 7 सितंबर को 200 ग्रामीणों ने थाना का घेरा घर पर हुई फायरिंग के बाद ग्रामीणों और परिजनों में डर के साथ पुलिस के खिलाफ नाराजगी भी बढ़ती गई। ग्रामीणों का आरोप था कि एफआईआर के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी नहीं दिखाई गई। नाराजगी में 7 सितंबर को करीब 200 ग्रामीणों ने डुमरा थाना का घेराव किया था। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और बैद्यनाथ महतो के परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। इस प्रदर्शन में बैद्यनाथ महतो भी शामिल रहे थे। लेकिन थाना घेराव के कुछ ही दिनों बाद बैद्यनाथ की हत्या ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। शराब कारोबार के विरोध से शुरू हुआ था विवाद परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक केथरिया गांव में पिछले करीब दो सालों से शराब कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहम्मद एजाज, त्रिभुवन महतो, मोहम्मद अहसान समेत करीब 6 लोग इस कारोबार से जुड़े रहे हैं। पुलिस की ओर से इनके ठिकानों पर पहले भी छापेमारी की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ आरोपी शराब से जुड़े मामलों में पहले जेल भी जा चुके हैं। इसी कारोबार के विरोध को बैद्यनाथ महतो की हत्या की संभावित वजहों में एक माना जा रहा है। हालांकि हत्या की असली वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। 25 अगस्त की पंचायत के बाद बढ़ी थी दुश्मनी ग्रामीणों के अनुसार 25 अगस्त को गांव में शराब कारोबार को लेकर पंचायत हुई थी। इस बैठक में बैद्यनाथ महतो ने शराब कारोबार से जुड़े युवकों को धंधा बंद करने की चेतावनी दी थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से ही उनके और शराब कारोबार से जुड़े बताए जा रहे लोगों के बीच तनाव बढ़ गया था। पंचायती के महज 3 दिन बाद उनके घर पर गोलीबारी हुई। 28 अगस्त की फायरिंग और शनिवार की हत्या के बीच का यह घटनाक्रम पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। घर पर फायरिंग के केस में चार नामजद, 1 सरेंडर 28 अगस्त की गोलीबारी के मामले में चार नामजद समेत करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की। इसी बीच मोहम्मद अहसान ने गुरुवार को न्यायालय में सरेंडर कर दिया। बाकी नामजद आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई थी। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि घर पर हुई फायरिंग और बैद्यनाथ महतो की हत्या के बीच सीधा संबंध है या नहीं। दोनों घटनाओं में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एजाज-त्रिभुवन पर आपराधिक हिस्ट्री की जांच एसपी अमित रंजन के अनुसार मोहम्मद एजाज पर सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें शराब तस्करी, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और हत्या जैसे गंभीर मामले बताए गए हैं। नवंबर 2024 में मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके में डकैती के बाद महिला की हत्या के मामले में भी एजाज का नाम सामने आने और उसके गिरफ्तार होकर जेल जाने की बात बताई गई है। जेल से बाहर आने के बाद उसके सीतामढ़ी में साथियों के साथ शराब तस्करी में सक्रिय होने का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार त्रिभुवन महतो भी शराब, लूट और डकैती से जुड़े मामलों में आरोपी रहा है। उस पर करीब 6 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। त्रिभुवन महतो रिश्ते में बैद्यनाथ महतो का पोता है इस हत्याकांड में एक चौंकाने वाला पहलू मृतक और आरोपी के पारिवारिक रिश्ते को लेकर सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार त्रिभुवन महतो रिश्ते में बैद्यनाथ महतो का पोता लगता है। यही वजह है कि पुलिस अब केवल शराब कारोबार के विवाद तक जांच सीमित नहीं रख रही है। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद, पारिवारिक तनाव या जमीन से जुड़े विवाद की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि अगर शराब कारोबार के विरोध को लेकर विवाद था तो हत्या की साजिश कैसे रची गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। हत्या के बाद पुलिस पर फूटा गुस्सा, 72 घंटे में गिरफ्तारी हत्या की खबर के बाद ग्रामीणों का गुस्सा बेकाबू हो गया। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी अमित रंजन और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ भीड़ की धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद लोगों ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाया। पुलिस इंस्पेक्टर अनिल कुमार और प्रशांत कुमार के सिर में चोट लगी। 2 इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मियों के घायल हुए हैं। एसपी और डीएसपी के वाहनों के अलावा आठ थानों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति संभालने के लिए कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस अब हत्या के आरोपियों के साथ-साथ उपद्रव और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है। 2016 में पहली बार सरपंच का चुनाव लड़ा था बैद्यनाथ महतो किसान परिवार से आते थे। उन्होंने वर्ष 2016 में पहली बार सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने अपनी पत्नी खुश्दिल देवी को पंचायत चुनाव में उतारा। खुश्दिल देवी जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 से निर्वाचित हुईं। परिवार के मुताबिक घर में बैद्यनाथ महतो, उनकी पत्नी, दो बेटियां और नाती-नातिन रहते थे। अब परिवार के मुखिया की हत्या के बाद घर में मातम पसरा है। मृतक की नातिन स्नेहा ने भी पुलिस-प्रशासन के सामने 28 अगस्त की घटना का जिक्र किया। उसने बताया कि उस रात घर की खिड़की की ओर गोली चलाई गई थी और गोली परिवार के सदस्य के बेहद करीब से निकली थी। इसके बाद से परिवार को लगातार खतरा महसूस हो रहा था। ‘समय पर कार्रवाई होती,तो हत्या नहीं होती’-ग्रामीण ग्रामीण संजय पटेल ने कहा कि बैद्यनाथ महतो के घर पर पहले भी फायरिंग हुई थी। उस समय ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शायद शनिवार की हत्या को रोका जा सकता था। ग्रामीण अब आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा और गांव में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। एसपी ने कहा- ‘दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई’ एसपी अमित रंजन ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस की प्राथमिकता नामजद और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाना है। आईजी ने सीतामढ़ी पहुंचकर संभाली कमान घटना के बाद तिरहुत रेंज के प्रभारी आईजी सत्यनारायण कुमार सीतामढ़ी पहुंचे। उन्होंने एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हत्याकांड की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की समीक्षा की। आईजी ने दावा किया कि हत्या में शामिल अपराधियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पूर्व विधायक बोले-‘पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिले’ घटना पर राजद जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधायक सुनील कुशवाहा ने आक्रोश जताया। उन्होंने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन को अपराध पर सख्त कार्रवाई की चुनौती दी। अब इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 28 अगस्त को घर पर हुई फायरिंग के बाद भी बैद्यनाथ महतो की सुरक्षा क्यों नहीं बढ़ाई गई, नामजद आरोपियों पर कार्रवाई कहां तक पहुंची और शनिवार की सुबह की हत्या की साजिश में कौन-कौन शामिल था। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आने हैं। लापरवाही पर डुमरा थानाध्यक्ष-केस के IO निलंबित घटना में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मामले में डुमरा थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार और केस के अनुसंधानकर्ता आदित्य कुमार को निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर घटना की जांच और कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है। निलंबन की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
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जिला परिषद प्रतिनिधि की हत्या की आंखोदेखी:नातीन बोली- मेरे सामने नाना को 8 गोलियां मारी, वहीं गिर पड़े; जानिए कैसे हुई थी दुश्मनी
