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Vande Mataram Controversy; Omar Abdullah Vs Congress


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श्रीनगर5 घंटे पहले

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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वंदे मातरम के सभी छह पैरा को लेकर जो प्रावधान लागू है, उसका सरकार को पालन करना होगा। वंदे मातरम के दौरान खड़े न होने के कानूनी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने पूछा, ‘कांग्रेस क्या चाहती है, कि कश्मीरियों को इस कारण जेल में डाल दिया जाए।’

उमर ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में लागू नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। ये नियम सिर्फ जम्मू-कश्मीर नहीं, बल्कि पूरे देश में सरकारी कार्यक्रमों पर लागू होते हैं।

दरअसल, सोमवार को श्रीनगर में CM उमर और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण हुआ था। इस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो शेयर करते नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपील की थी कि वह कांग्रेस के साथ खड़ी रहे और वंदे मातरम के 2 पैरा गाने के पक्ष में अपना रुख कायम रखे।

7 सितंबर को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पूरा वंदे मातरम गाने के दौरान CM उमर अब्दुल्ला और NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला खड़े हुए थे।

7 सितंबर को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पूरा वंदे मातरम गाने के दौरान CM उमर अब्दुल्ला और NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला खड़े हुए थे।

CM बोले- पार्टी के फैसले और कानूनी जिम्मेदारी दोनों अलग

हालांकि, उमर ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी वंदे मातरम को पार्टी के तौर पर नहीं अपनाया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी। यह पार्टी की विचारधारा और राजनीतिक फैसले का विषय है।

उमर ने कहा कि पार्टी के फैसले और सरकार की कानूनी जिम्मेदारी को अलग-अलग समझना चाहिए। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में भी राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत दोनों प्रस्तुत किए जाएंगे।

कांग्रेस ने तय किया था- वंदे मातरम के दो पैरा गाए जाएंगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने ऐलान किया था कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया था।

बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूरा संस्करण नहीं गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया था।

नई दिल्ली में इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 88 नेता शामिल हुए थे।

नई दिल्ली में इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 88 नेता शामिल हुए थे।

2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना

24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ बनाया।

इस कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।

इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ के पूरे 6 छंद गाए गए।

केंद्र का आदेश- पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन होगा

गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन और बजाने को लेकर नए निर्देश जारी किए थे। इसमें दोनों के सही बोल, उच्चारण और तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया था।

निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत भी है, तो पहले राज्य गीत फिर वंदे मातरम और अंत में जन गण मन रहेगा।

राज्य सरकारें अपने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम को लेकर कुछ नियम तय कर सकती हैं। कुछ राज्यों ने इसके गायन को लेकर अलग दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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