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मलेशिया के जंगल में छिपे भारतीय युवकों का एक और वीडियो सामने आया है। वीडियो में किशनगंज-पूर्णिया के कुछ युवक सुनसान जंगल में बैठे नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वे मलेशिया में पुलिस की कार्रवाई के डर से जंगल में छिपकर दिन काट रहे हैं। युवकों ने वीडियो में अपनी मजबूरी बताते हुए कहा- “न हमारे पास वीजा है, न काम है। पैसे भी नहीं हैं कि किराया देकर कहीं रह सकें।” काम की तलाश में मलेशिया गए इन युवकों के सामने अब रोजी-रोटी के साथ गिरफ्तारी का भी डर है। इससे पहले भी एक वीडियो सामने आया था, जिसमें किशनगंज और पूर्णिया के करीब 40 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वीडियो में सभी युवक पुलिस वैन में हथकड़ी लगाए जाते दिखाई दे रहे थे। अब जंगल में छिपे युवकों का नया वीडियो सामने आने के बाद उनके परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। बता दें कि इससे पहले एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें किशनगंज और पूर्णिया के करीब 40 युवकों की गिरफ्तारी का दावा किया गया था। वीडियो में सभी युवक पुलिस वैन में हाथों में हथकड़ी लगाए जाते दिखाई दे रहे थे। जंगल में छिपे, खाने-पीने तक के लाले युवकों के परिजन ने बताया, हमारे ही शहर के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने हमलोगों से कहा, आप अपने बच्चों को बाहर काम करने के लिए भेजो। इससे आपके घर की आमदनी बढ़ेगी। मुझे लाखों रुपए दो इसके बदले मैं सभी लड़कों को मलेशिया से लेकर दुबई में काम लगवा दूंगा। हमलोग उनकी बातों में आ गए और पैसे उनको दे दिए, लेकिन अब हमारे बच्चों को अब वहां न तो काम मिल रहा है और न ही उनके पास वीजा है। इसी वजह से वो घर भी नहीं लौट पा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि युवाओं के पास शुरुआत में जो पैसे थे, वे धीरे-धीरे खत्म हो गए। अब उनके पास खाना और दूसरी जरूरी चीजें खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। जंगलों में रहने के कारण उन्हें नियमित खाना नहीं मिल पा रहा है। मोबाइल के जरिए घरवालों से संपर्क होने पर वे अपनी परेशानी बता रहे हैं। कुछ परिवारों का कहना है कि उनके बच्चों ने फोन पर बताया है कि वे खुले में आने से डर रहे हैं। आसपास पुलिस की कार्रवाई की खबर मिलने पर वे एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं। इस वजह से परिवारों से भी उनका संपर्क लगातार बना रहना मुश्किल हो रहा है। घायल हैं, लेकिन इलाज कराने में भी डर परिजन के अनुसार, कुछ युवक घायल और बीमार भी हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इलाज के लिए अस्पताल जाने में भी उन्हें गिरफ्तारी का डर सता रहा है। ऐसे में चोट और बीमारी के बावजूद वे इलाज नहीं करा पा रहे हैं। युवाओं ने अपने परिवारों को भेजे वीडियो और संदेशों में मदद की गुहार लगाई है। परिजन का कहना है कि बच्चों की हालत देखकर वे मानसिक रूप से परेशान हैं। घर बैठे उन्हें यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि उनके बच्चे इस समय कहां हैं और किस स्थिति में हैं। बताया जा रहा है कि किशनगंज और पूर्णिया इलाके से कई युवक रोजगार की तलाश में एजेंटों के माध्यम से मलेशिया गए थे। विदेश जाने के लिए परिवारों ने अपनी जमा-पूंजी लगाई थी। कई लोगों ने कर्ज लेकर भी पैसे जुटाए थे। अब जब युवा वहां मुश्किल में फंसे हैं तो परिवारों के सामने दोहरी चिंता है। एक तरफ बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर है, दूसरी तरफ विदेश भेजने में खर्च हुई रकम और कर्ज की चिंता भी बनी हुई है। परिजन बोले- सरकार सुरक्षित वापस लाए किशनगंज में युवाओं के परिजन लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारत सरकार को मामले को गंभीरता से लेते हुए मलेशिया में भारतीय दूतावास के माध्यम से युवाओं तक मदद पहुंचानी चाहिए। परिजन की मांग है कि सबसे पहले यह पता लगाया जाए कि कितने भारतीय युवा वहां फंसे हुए हैं और वे इस समय किन स्थानों पर हैं। इसके बाद उनके लिए सुरक्षित स्थान, डॉक्टर और खाना की व्यवस्था कराई जाए। अगर किसी युवक के दस्तावेज या वीजा से जुड़ी समस्या है तो उसे कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए। किशनगंज सांसद डॉ.मोहम्मद जावेद ने SP से की मुलाकात बता दें कि इस मामले को लेकर किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था, जिले में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें एजेंट या बिचौलियों द्वारा विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए लिए गए। रोजगार की उम्मीद में लोग अपनी सालों की मेहनत की कमाई एजेंटों को दे देते हैं, लेकिन बाद में न तो उन्हें विदेश भेजा जाता है और न ही रकम वापस की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि विदेश भेजने के नाम पर संगठित तरीके से लोगों को ठगा जा रहा है तो ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। पीड़ितों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने और दोषियों तक पहुंचने की मांग की, ताकि आगे दूसरे लोग भी ऐसे ठगों के जाल में फंसने से बच सकें।
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मलेशिया में फंसे किशनगंज-पूर्णिया के युवक जंगल में छिपे, VIDEO:भारत सरकार से मदद की लगाई गुहार, कहा-न वीजा है न ही खाने-रहने के लिए पैसे
