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Delhi Job Fair Scam Exposed


“मैं 48 हजार रुपए वेतन पर हेकम कंपनी में ICU नर्स के पद पर काम करने दिल्ली गई थी। जाते ही एक हॉस्टल में कैद कर दिया गया। लड़के-लड़कियों को साथ ही रखते थे। यहां लड़कियों को वीडियो कॉल कर लड़कों के सामने पेश किया जाता था। उनसे बात कराई जाती थी।

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लड़के जिसे पसंद करते, उसे 24 घंटे के लिए उसके पास भेज देते थे। कई बार मुझसे भी बात कराई गई। मुझे लड़कों के सामने परोसने की कोशिश की गई। मना करने पर कैद कर दिया। शौचालय साफ कराया और भूखा रखा। वे लोग मुझे विदेश भेजने की तैयारी में थे। मैं किसी तरह भागकर आई हूं।”

ये बातें पटना की पूजा कुमारी ने कही। वह 19 से 23 अगस्त 2026 तक पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले में नौकरी पाने वाले 20 हजार युवाओं में से एक है। उसे CM सम्राट चौधरी ने 23 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिया था।

आगे की पूरी कहानी पढ़िए पूजा की ही जुबानी…

मैंने GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ्री) की पढ़ाई की है। पटना में 15 हजार रुपए महीने पर नौकरी कर रही थी। इस पैसे से मेरा घर चलता था। दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति बेरोजगार हैं।

बड़ी उम्मीद लेकर ज्ञान भवन में 23 अगस्त को आयोजित रोजगार मेला में गई थी। मुझे हेकम कंपनी ने हायर किया। 48 हजार रुपए महीने वेतन वाली जॉब ऑफर की। इतना बड़ा पैकेज पाकर मैं बहुत खुश थी। मैंने पहले की नौकरी से रिजाइन दे दिया।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों से मेरी लगातार बात हो रही थी। मुझे 2 सितंबर को दिल्ली बुलाया गया। सम्राट चौधरी के भरोसे नौकरी करने दिल्ली चली गई। दिल्ली पहुंचने के बाद मुझे हेकम के जगह शिवम नाम की कंपनी में ले जाया गया। मुझे गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर लड़कों के बीच रखा गया। वे लोग खाना भी समय पर नहीं दे रहे थे।

यहां वीडियो कॉलिंग करके लड़कियों को दिखाया जाता था। लड़के जिस लड़की को पसंद करते उसे 24 घंटे के लिए भेज दिया जाता था। लड़कियों को लोकेशन मिलता था। वे रैपिडो बुक करके वहां जाती थी।

दूसरे आदमी के पास भेजने के लिए करा रहे थे डील

पीड़िता ने बताया-

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मैं उनलोगों से लगातार यह कहती रही कि किसी हॉस्पिटल में काम दे दीजिए। जिस काम के लिए मुझे जॉब मिली थी, सैलरी तय हुई थी, सम्राट चौधरी ने नियुक्ति पत्र दिया था, मुझे वह नौकरी दीजिए। मुझे किसी आदमी के पास नहीं जाना है। मुझे नर्स की नौकरी करनी है, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। वहां मेरी जैसी कई लड़कियां फंसी हुई हैं। वे नौकरी के लिए आई थीं, लेकिन गलत धंधे में फंस गईं। उन लड़कियों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाता है जैसा मेरे साथ किया गया। अगर मैं वहां से नहीं भागती तो वे लोग मुझे विदेश भेज देते।

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शौचालय साफ कराया, खाना तक नहीं देते थे

मुझे 4 दिनों तक रूम में ही बैठाकर रखा गया। हॉस्टल की सफाई मुझसे कराई। शौचालय साफ कराया गया। दिन भर काम करने के बाद 3 बजे थोड़ा सा चावल खाने के लिए देते थे। मैंने कई बार बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन निकलने नहीं दिया गया। मैं वहां 4 दिनों तक फंसी रही।

वहां प्रीति नाम की सीनियर महिला थी। वह 6 सितंबर को बाजार गई, तब मैंने अपने पति को फोन किया। इसके बाद वहां से भाग निकली। बहुत मुश्किल से बची हूं। किसी तरह खुद को बचाकर आई हूं। मेरे 2 छोटे बच्चे हैं। मैं उन्हें छोड़कर दिल्ली गई थी। बचत के मेरे पूरे पैसे खर्च हो गए। अब कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। यहां का भी जॉब चला गया है।

बच्चों के फीस भरने तक के पैसे नहीं

आज मेरे पास बच्चों के स्कूल फीस भरने के पैसे नहीं हैं। बड़ा बेटा क्लास 3 में पढ़ता है। 13 सितंबर से उसकी परीक्षा शुरू हो रही है। अब तक उसका एडमिट कार्ड नहीं आया है। 3450 रुपए फीस देना है। पैसे नहीं दिए तो बेटा परीक्षा नहीं दे पाएगा।

अभी तक घर का किराया नहीं दे पाई हूं। मैं इस उम्मीद में दिल्ली गई थी कि बच्चों की जिंदगी सुधर जाएगी। वहां के अच्छे स्कूल में उन्हें पढ़ाऊंगी। मेरा सारा सपना अधूरा रह गया। मैं आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने आई हूं, लेकिन मुझे नहीं मिलने दिया जा रहा है।

सम्राट चौधरी से क्यों नहीं हो पाई मुलाकात?

पूजा दिल्ली से लौटने के बाद सीएम सम्राट चौधरी से मिलने के लिए मंगलवार को सीधे मुख्यमंत्री आवास चली गई थी। उसे गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया और कहा था कि सीएम से मिलने के लिए प्रक्रिया होती है। पहले अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही अंदर जाने दे सकते हैं। पूजा के पास सीएम से मिलने संबंधी अनुमति नहीं थी। वह गेट के बाहर रो रही थी।

मंत्री बोले- जांच कराएंगे

इस पूरे मामले पर भास्कर ने श्रम संसाधन विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से बात की। उन्होंने बताया ‘कंपनियां 60 से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के नर्सिंग केयर की डिमांड के हिसाब से भी रिक्रूट करती हैं। इनका घर जाकर केयर करना होता है। लेकिन, अगर लड़की का आरोप गंभीर है तो हम इसकी जांच कराएंगे।’

अब जानिए हेकम कंपनी के बारे में

हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Hekam India Pvt Ltd) एक प्लेसमेंट और HR एजेंसी है। इसने इंटरनेट पर दावा किया है कि वह नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों और कर्मचारियों की जरूरत वाली कंपनियों के बीच एक ब्रिज का काम करती है।

कंपनी विभिन्न उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार योग्य कर्मचारी और मैनपावर उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही स्थाई व अस्थाई पदों पर भर्ती, स्टाफिंग और पेरोल मैनेजमेंट जैसी सेवाएं देती है। नॉन लिस्टेड इस कंपनी की स्थापना 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी।

दिल्ली के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC Delhi) के तहत पंजीकृत है। कंपनी का CIN नंबर U78100DL2025PTC457420 है। कंपनी के वर्तमान निदेशक सूरज कुमार सिंह और धीरज कुमार सिंह हैं। इसका पंजीकृत कार्यालय ई-262, बेसमेंट, ईस्ट ऑफ कैलाश, साउथ दिल्ली और कॉर्पोरेट कार्यालय नोएडा के सेक्टर-63 में स्थित है।

रोजगार मेले में पूरे देश से आई थीं 112 कंपनियां

बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की ओर से पटना के ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक मेगा जॉब फेयर आयोजित किया गया था। देशभर से बैंकिंग, फाइनेंस, रिटेल और आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 112 कंपनियां आईं थीं। इनमें हेकम कंपनी भी शामिल थी।

जॉब फेयर के समापन समारोह में सम्राट चौधरी ने कहा था कि अब सरकार अगले वर्ष से प्रमंडल के साथ ही सभी जिलों में जॉब फेयर लगाएगी। अगले 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देगी। युवाओं को आजीविका के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

सरकार के दावे के अनुसार जॉब फेयर में 20,226 युवाओं को रोजगार के अवसर मिले। इनमें से 3,940 को बिहार में और 476 युवाओं को विदेशों में नौकरी मिली। 36 दिव्यांगों को भी रोजगार मिला।



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