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खगड़िया में 4 नदियां उफान पर,कई इलाकों में घुसा पानी:तेज बहाव के बीच रस्सी के सहारे ले रहे लोग,14 स्कूल प्रभावित; नाव बनी सहारा




खगड़िया में गंगा, बूढ़ी गंडक, बागमती और कोसी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जबकि जलमग्न रास्तों पर आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति परबत्ता प्रखंड के मुरादपुर इलाके में देखने को मिल रही है। यहां सड़क पर तेज बहाव के साथ पानी चल रहा है। बहाव इतना तेज है कि पैदल सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। कई लोग रस्सी के सहारे तेज बहाव के बीच सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ परिवार घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सदर की चार पंचायतों में 14 स्कूल बाढ़ प्रभावित सदर प्रखंड की उत्तर माड़र, रहीमपुर दक्षिणी, रहीमपुर उत्तरी और रहीमपुर मध्य पंचायत बाढ़ से प्रभावित हैं। इन चार पंचायतों में 14 स्कूलों पर बाढ़ का असर पड़ा है। प्रभावित लोगों की आवाजाही के लिए फिलहाल 23 नावों का परिचालन किया जा रहा है। बूढ़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर का असर खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र में भी दिखने लगा है। वार्ड नंबर 16, वार्ड नंबर 30 और गांधी मार्ग में बाढ़ का पानी घुस गया है। घरों में पानी पहुंचने से लोगों को रहने, खाना बनाने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही है। गोगरी की चार पंचायतें और एक वार्ड प्रभावित गोगरी प्रखंड के इटहरी, बन्नी, बोरना और रामपुर पंचायत के अलावा नगर परिषद क्षेत्र का यशोदा नगर वार्ड बाढ़ प्रभावित है। इन इलाकों में आवागमन के लिए 36 नावें चलाई जा रही हैं। वहीं, 20 स्कूल भी बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। परबत्ता की 10 पंचायतों में बाढ़ का असर परबत्ता प्रखंड में बाढ़ का दायरा सबसे अधिक है। जोरावरपुर, तेमथा करारी, दरियापुर भेलवा, लगार, कवेला, माधवपुर, कुलहरिया, भरसों, सौंढ उत्तरी और सौंढ दक्षिणी पंचायत प्रभावित हैं। इन इलाकों में 22 नावों का परिचालन किया जा रहा है, जबकि 15 स्कूल बाढ़ की चपेट में हैं। सदर, गोगरी और परबत्ता प्रखंडों में कुल 49 स्कूल बाढ़ प्रभावित हैं। बेलदौर, चौथम और मानसी में भी बढ़ी निगरानी बागमती और कोसी के बढ़ते जलस्तर का असर बेलदौर और चौथम के कुछ निचले इलाकों में भी दिखने लगा है। बेलदौर में दो और मानसी में दो नावों का परिचालन किया जा रहा है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। मुरादपुर में नाव से सुरक्षित आवागमन परबत्ता-मुरादपुर मार्ग पर तेज बहाव की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मौके पर नाव का परिचालन शुरू कराया है। सुरक्षा के लिए दो आपदा मित्र और एक राजस्व कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने लोगों से तेज बहाव वाले पानी में पैदल सड़क पार नहीं करने और सुरक्षित आवागमन के लिए नाव का इस्तेमाल करने की अपील की है। राहत शिविर और सामुदायिक किचन तैयार गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि फिलहाल राहत शिविर और सामुदायिक किचन शुरू नहीं किए गए हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जरूरत पड़ने पर चिह्नित स्थानों पर राहत शिविर और सामुदायिक किचन तत्काल शुरू किए जाएंगे। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर और हालात की लगातार निगरानी कर रही हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और तेज बहाव वाले रास्तों को पैदल पार नहीं करने की अपील की है।



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