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जमुई में एशिया का सबसे खतरनाक रसल वाइपर पकड़ाया:हीमोटोक्सिन जहर से खून जमने की प्रक्रिया होती है धीमी




जमुई के मलयपुर इलाके के नगदेवा गांव में एक घर से स्नेक कैचर बंटी सिंह ने एक अत्यंत विषैले रसल वाइपर सांप को पकड़ा है। शैलेंद्र सिंह के घर में ड्रम के पास यह सांप देखा गया था। स्थानीय लोगों ने पहली बार इस रंग का सांप देखा तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद उन्होंने बंटी सिंह को सूचना दी। स्नेक कैचर बंटी सिंह ने बताया कि यह एशिया का सबसे विषैला और खतरनाक सांप रसल वाइपर है। इसमें हीमोटोक्सिन जहर पाया जाता है। इसके काटने से कुछ ही घंटों में काटे हुए जगह पर हड्डियां गलने लगती हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर यह सांप किसी को काटे तो तुरंत अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से इलाज कराएं। ‘S’ आकार बनाकर करता है हमला झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने से जान भी जा सकती है। बंटी सिंह ने सावधानी से रसल वाइपर सांप को पकड़ा और उसे जंगली इलाके में छोड़ दिया। पर्यावरणविद और हेड ऑफ डिपार्टमेंट अजय कुमार ने बताया कि रसल वाइपर बहुत ही विषैला और खतरनाक सांप है। इसमें हीमोटॉक्सिक जहर होता है, जिससे खून जमने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, रक्तस्राव होता है और किडनी खराब हो सकती है। डीएफओ ने की रसल वाइपर सांप की पुष्टि यह देखने में अजगर जैसा लगता है, लेकिन यह सबसे आक्रामक सांप है। यह ‘S’ आकार बनाकर हमला करता है और कुकर की सीटी जैसी आवाज निकालता है। उन्होंने भी सलाह दी कि सांप काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। यह सांप पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ज्यादा पाया जाता है, इसलिए वहां सतर्कता जरूरी है। जमुई के डीएफओ तेजश जायसवाल ने भी पुष्टि की कि यह रसल वाइपर सांप है। उन्होंने बताया कि अपने यहां कोबरा को सबसे जहरीला सांप माना जाता है, लेकिन यह सांप भी खतरनाक है। यह सांप जंगली क्षेत्रों में पाया जाता है, हालांकि अपने इलाके में इनकी संख्या कम है।



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