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बिहार स्वास्थ्य विभाग के कथित डस्टबिन खरीद घोटाले को लेकर सीवान भाजपा में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का पूर्व सांसद और भाजपा नेता ओम प्रकाश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया है। जवाब में उन्होंने अपने पुराने सवालों को दोहराने के साथ पार्टी के भीतर चल रहे विवाद और स्थानीय नेताओं की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद सीवान भाजपा में बयानबाजी और तेज हो गई है। डस्टबिन खरीद को लेकर लगातार उठाते रहे सवाल स्वास्थ्य विभाग में डस्टबिन खरीद से जुड़े मामले में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का नाम सामने आने के बाद से ओम प्रकाश यादव लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाते रहे हैं। उनकी मांग रही है कि मामले की सच्चाई सार्वजनिक की जाए और संबंधित दस्तावेज सामने रखे जाएं। हाल में सीवान पहुंचे मंगल पांडेय से मीडिया ने जब डस्टबिन मामले पर सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद ओम प्रकाश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि यदि मंगल पांडेय सही हैं तो उन्हें मीडिया के सवालों का जवाब देना चाहिए। 31 अगस्त को जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस इसी बीच 31 अगस्त को प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार की ओर से ओम प्रकाश यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में पार्टी नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर अनर्गल बयान देने का आरोप लगाते हुए छह दिनों के भीतर जवाब मांगा गया था। सोशल मीडिया पर नोटिस का जवाब ओम प्रकाश यादव ने कहा कि उन्हें नोटिस व्यक्तिगत रूप से न ई-मेल के जरिए मिला और न रजिस्ट्री अथवा मोबाइल पर। सोशल मीडिया से नोटिस की जानकारी मिलने के कारण उन्होंने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब देना उचित समझा। उन्होंने कहा कि पटना पहुंचकर वह व्यक्तिगत रूप से भी जवाब देंगे। ‘भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज उठाता हूं’ अपने जवाब में पूर्व सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भ्रष्टाचार के खिलाफ दिए गए बयानों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अपराधी या भ्रष्टाचारी कोई भी हो, उसे संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी नेताओं के खिलाफ अनर्गल बयान नहीं देते, बल्कि अपराधियों, बाहुबलियों, माफियाओं और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। अपने राजनीतिक सफर का भी किया जिक्र ओम प्रकाश यादव ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि 2009 में वह सीवान की जनता के आशीर्वाद से निर्दलीय सांसद बने और 2014 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीता। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सीवान की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए वर्तमान हालात पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसका जवाब समय आने पर जनता देगी। टेंडर और भुगतान के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग डस्टबिन मामले पर उन्होंने कहा कि यदि मंगल पांडेय सीवान में मीडिया के सवालों का जवाब दे देते या प्रेसवार्ता कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट कर देते तो उन्हें सवाल उठाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने बिहार और सीवान में डस्टबिन खरीद से जुड़े सभी टेंडर और भुगतान के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। क्रिकेट संघ को लेकर भी उठाए सवाल पूर्व सांसद ने सीवान जिला क्रिकेट संघ को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने संघ पर राजद और दिवंगत सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन से जुड़े लोगों के कथित प्रभाव का आरोप लगाया। इसके अलावा क्रिकेट संघ से जुड़े कुछ भाजपा नेताओं और एकेडमी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर उनसे जवाब मांगने के बजाय संबंधित लोगों को सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 2029 के लोकसभा चुनाव का किया जिक्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए ओम प्रकाश यादव ने रघुनाथपुर सीट पर गठबंधन प्रत्याशी की हार और सीवान विधानसभा सीट के परिणाम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कथित चर्चाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 2029 का लोकसभा चुनाव महत्वपूर्ण होगा और आज उठाए जा रहे सवाल आने वाले समय में जनता के बीच बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। ‘डस्टबिन मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है’ अपने जवाब के अंतिम हिस्से में पूर्व सांसद ने पार्टी नेतृत्व को चेताया कि डस्टबिन खरीद का मुद्दा आने वाले समय में बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं के सवाल दबाने के लिए नोटिस दिए जाएंगे तो भविष्य में यही सवाल प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से भी पूछे जाएंगे। भाजपा नेताओं पर भी साधा निशाना ओम प्रकाश यादव ने कहा कि सीवान की जनता ने उन पर साफ-सुथरी छवि और जनता की आवाज उठाने का भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि वह इस भरोसे को तोड़कर राजनीति में ‘धृतराष्ट्र’ नहीं बन सकते। उन्होंने खुद को सत्य के रास्ते पर चलने वाला बताते हुए कहा कि वह सत्य के पक्ष में खड़े रहेंगे। बयानबाजी से पुराने मतभेद फिर सतह पर ओम प्रकाश यादव ने अपने जवाबी पोस्ट में भाजपा और बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को भी टैग किया है। इधर, पूरे मामले के बाद सीवान भाजपा में बयानबाजी तेज हो गई है। ओम प्रकाश यादव के साथ उनके पुत्र हैप्पी यादव को लेकर भी बयान सामने आने लगे हैं। उनके पूर्व सांसद कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का हिसाब मांगने की बात कही जा रही है। ऐसे में डस्टबिन खरीद विवाद अब भाजपा के भीतर पुराने राजनीतिक मतभेदों को भी सतह पर लाता दिख रहा है।
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डस्टबिन घोटाले पर नोटिस से भड़के ओम प्रकाश यादव:बोले- जिसने चोरी की, वही मुझसे जवाब मांग रहा; सीवान भाजपा में बढ़ी तकरार
