पटना42 मिनट पहले
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पटना के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स इंज्यूरी के इलाज की आधुनिक सुविधा जल्द मिलेगी। यह एशिया का सबसे बड़ा हड्डी रोग अस्पताल है। अस्पताल प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं।
एक MOU साइन होने के बाद सफदरगंज अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की टीम LNJP का निरीक्षण कर चुकी है। निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। इस सुविधा के तहत स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, ट्रेनर और डाइटीशियन भी उपलब्ध होंगे।
अक्टूबर महीने से स्पोर्ट्स इंज्यूरी की सुविधा होगी शुरू
LNJP अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने बताया, ‘अक्टूबर महीने तक स्पोर्ट्स इंज्यूरी की सुविधा शुरू होने की पूरी उम्मीद है। इसके लिए अस्पताल में जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।
नई व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को सिर्फ ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिलेगी। चोट लगने के बाद रिकवरी से लेकर दोबारा मैदान पर वापसी तक की पूरी प्रक्रिया एक ही सिस्टम के तहत विकसित की जाएगी।’

दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा
खेल के दौरान खिलाड़ियों को अक्सर लिगामेंट, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी चोटें लगती हैं। कई बार सही समय पर इलाज न मिलने से खिलाड़ी लंबे समय तक खेल से दूर हो जाते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखभाल के साथ सही फिजियोथैरेपी और रिहैबिलिटेशन भी बहुत जरूरी होता है।
LNJP में यह नई सुविधा शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को ऐसी चोटों के लिए विशेषज्ञों से इलाज मिलना आसान हो जाएगा। इससे उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
सिर्फ सर्जरी नहीं, मैदान पर वापसी तक होगी तैयारी
अस्पताल प्रशासन स्पोर्ट्स इंज्यूरी सेंटर को केवल सर्जरी तक सीमित नहीं रखना चाहता। खिलाड़ियों को चोट के बाद पूरी तरह फिट करने के लिए इलाज, फिजियोथैरेपी, मानसिक तैयारी, ट्रेनिंग और डाइट सभी पहलुओं पर काम किया जाएगा।
इसके लिए विशेषज्ञों की टीम तैयार करने की योजना है। इसमें स्पेशलाइज्ड फिजियोथैरेपिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, स्पोर्ट्स ट्रेनर और स्पोर्ट्स डाइटीशियन शामिल होंगे।
चोट के बाद खिलाड़ी को मैदान पर लौटने में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं होती। चोटिल हिस्से की ताकत और मूवमेंट वापस लाने के लिए लंबे समय तक फिजियोथैरेपी और रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ सकती है।
वहीं, गंभीर चोट के बाद खिलाड़ी को मानसिक रूप से तैयार करने में स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

खिलाड़ियों की फिटनेस और खान-पान पर फोकस
इसके अलावा खिलाड़ियों की फिटनेस और खान-पान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्पोर्ट्स डाइटीशियन खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार डाइट प्लान तैयार करने में मदद करेंगे। वहीं स्पोर्ट्स ट्रेनर उनकी फिटनेस और ट्रेनिंग को बेहतर बनाने पर काम करेंगे।
अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें खिलाड़ी को चोट लगने से लेकर उपचार, रिकवरी और दोबारा खेल में लौटने तक विशेषज्ञों की मदद एक ही जगह पर मिल सके।
LNJP के नए भवन में 200 गाड़ियों की पार्किंग
स्पोर्ट्स इंज्यूरी की सुविधा के साथ LNJP अस्पताल के विस्तार और आधुनिकीकरण का काम भी लगातार चल रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ उनके परिजनों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की आवाजाही भी बढ़ी है। ऐसे में अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए नए भवन में करीब 200 वाहनों की पार्किंग को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

100 ओपन और 100 हाइड्रोलिक डबल डेकर पार्किंग
LNJP के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने बताया कि नए भवन में कुल 200 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। इनमें 100 वाहनों के लिए ओपन पार्किंग, जबकि 100 वाहनों के लिए हाइड्रोलिक डबल डेकर पार्किंग की सुविधा होगी।
हाइड्रोलिक डबल डेकर पार्किंग की मदद से कम जगह में अधिक वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। इससे अस्पताल परिसर में वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। मरीजों के परिजनों के साथ डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
एशिया के बड़े हड्डी अस्पतालों में LNJP की पहचान
डॉ. राकेश चौधरी ने बताया की लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल हड्डी और ऑर्थोपेडिक उपचार के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। यहां लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल के विस्तार और आधुनिकीकरण के साथ नई चिकित्सा सुविधाएं जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है।

