तिरुवनंतपुरम31 मिनट पहले
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केरल हाईकोर्ट ने 17 साल की लड़की से रेप के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि नाबालिग से शादी करना आरोपी को कानूनी कार्रवाई से नहीं बचा सकता।
जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने 19 अगस्त 2026 के आदेश में यह फैसला सुनाया। आरोपी ने कोर्ट में दावा किया था कि नाबालिग लड़की उसकी कानूनी पत्नी है और दोनों की शादी मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी।
आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 375 और POCSO एक्ट, 2012 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने शादी का हवाला देते हुए केस खत्म करने की मांग की थी।

कोर्ट बोला- नाबालिग से शादी, POCSO में अपराध, 4 बड़ी बातें…
- POCSO में 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति बच्चा है। इसलिए 17 साल की लड़की से यौन संबंध पर POCSO लागू होगा।
- शादी मुस्लिम रीति-रिवाज या पर्सनल लॉ के तहत हुई हो, फिर भी आरोपी की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। लड़की नाबालिग थी, इसलिए POCSO के नियम लागू होंगे।
- लड़की आरोपी की पत्नी थी या नहीं और शादी वैध थी या नहीं, इससे POCSO के तहत अपराध पर कोई असर नहीं पड़ता।
- शुरुआती तौर पर आरोप POCSO के तहत कार्रवाई के लिए पर्याप्त हैं। इसलिए कोर्ट ने केस रद्द करने से इनकार कर दिया।
अक्टूबर 2021 में लड़की को घर ले जाने का आरोप
बार एंड बेंच के मुताबिक, आरोपी 23 अक्टूबर 2021 को नाबालिग लड़की को अपने घर ले गया था। आरोप है कि उसने उसी रात और अगले 4 दिनों तक लड़की से जबरन संबंध बनाए।
आरोप है कि आरोपी के माता-पिता ने भी इसमें उसकी मदद की। बाद में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ और उसने केस रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
आरोपी का कहना था कि उसने 23 जुलाई 2021 को लड़की से शादी की थी। उस समय लड़की 17 साल 1 महीने की थी। उसने दावा किया कि शादी इस्लामी रीति-रिवाज से दोनों परिवारों की मौजूदगी में हुई थी।
शादी की वैधता का फैसला ट्रायल में होगा
कोर्ट ने कहा कि शादी होने का दावा साबित करने वाला कोई दस्तावेजी सबूत मौजूद नहीं है। शादी वैध थी या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान किया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि आरोपों और सबूतों के आधार पर अपराध सामने आते हैं। इसलिए FIR, फाइनल रिपोर्ट और आगे की आपराधिक कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी।
आरोपी की ओर से एडवोकेट सनी मैथ्यू और अनूज जे पेश हुए। नाबालिग पीड़िता की ओर से एडवोकेट पी जयराम ने पैरवी की। राज्य की ओर से सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नवास वीए पेश हुए।
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