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बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। वहीं, बाकी 24 जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। ज्यादातर जिलों में तापमान 34 से 36 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 सितंबर को भी बिहार के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। सोमवार को पटना, लखीसराय, पूर्णिया, खगड़िया, भागलपुर, बेगूसराय, अररिया और मुंगेर में बारिश हुई। लखीसराय में तेज बारिश के दौरान दिन में ही अंधेरा छा गया। औरंगाबाद में सबसे ज्यादा 145 mm बारिश रिकॉर्ड की गई। बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बेगूसराय: 50 हजार की आबादी बाढ़ से घिरी बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में कमी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, अभी जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन इलाहाबाद, बनारस और बक्सर में फिर से पानी बढ़ने के कारण लेवल बढ़ रहा है। संभावना है कि 2 दिनों के बाद बेगूसराय में भी जलस्तर में वृद्धि होगी। बेगूसराय के बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, मटिहानी, बलिया और साहेबपुर कमाल प्रखंड का दियारा इलाका बाढ़ से प्रभावित है। वहीं, शाम्हो प्रखंड पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ का आंशिक प्रभाव बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। अभी तक लगभग 50 हजार लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। औरंगाबाद- अदरी, पुनपुन समेत कई नदियां उफान पर औरंगाबाद में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश और झारखंड के पहाड़ी इलाकों से नदियों में आ रहे पानी के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। अदरी, पुनपुन समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शहर के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बिरतपुर मोहल्ला, जरमाखाप, चौधरी नगर और नवाडीह के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। विराटपुर और जरमाखाप के बीच भी आवागमन प्रभावित है। दोनों मोहल्लों को जोड़ने वाले पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार रात तक पुल के नीचे से पानी गुजर रहा था, लेकिन सोमवार दोपहर तक पानी इतना बढ़ गया कि पुल के ऊपर से बहने लगा। इससे दोनों मोहल्लों के बीच संपर्क प्रभावित हो गया है और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। देव, अंबा, नवीनगर, कुटुंबा, औरंगाबाद सदर और ओबरा प्रखंड के कई इलाकों में भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। कोसी नदी के किनारे मिला 6 फीट का मगरमच्छ सुपौल में सरायगढ़-भपटियाही कोसी महासेतु के पास सनपतहा गांव में पूर्वी कोसी सुरक्षा गाइड बांध के समीप कोसी नदी के किनारे एक 6 फीट का मगरमच्छ दिखा। जिसे ग्रामीणों ने पकड़ कर वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। मगरमच्छ कोसी नदी के किनारे पानी से निकलकर सूखी जमीन पर आ गया था, जिसे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पकड़ लिया। बाद में सूचना पर वन विभाग के अफसर उसे अपने साथ ले गए। मगरमच्छ पकड़े जाने की खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने भीड़ को मगरमच्छ से दूरी बनाए रखने की सलाह दी, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। बिहार के प्रमुख जिलों का तापमान आगे कैसा रहेगा मौसम 24 घंटे में औरंगाबाद में 145 मिमी बारिश बिहार में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक बारिश सामान्य से काफी कम रिकॉर्ड हुई है। अब तक राज्य में 775.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 469.5 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड हुई है। यानी सामान्य से करीब 40% कम बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। औरंगाबाद में सबसे ज्यादा 145 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा बक्सर में 67 मिमी, भोजपुर में 57 मिमी, रोहतास में 57 मिमी और गया में 48 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसी सिस्टम के कारण बिहार में भी मानसून सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त से 4 सितंबर तक राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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पटना समेत 14 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट:4 सितंबर तक चेतावनी; 24 घंटे में औरंगाबाद में 145mm बारिश रिकॉर्ड
