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गोरखपुर शहर से करीब 30km दूर माथाबारी गांव में गुरुवार को एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह पत्नी सरिता के साथ पहुंचे। यहां सरस्वती गुरुकुल में फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया। एयर चीफ मार्शल ने कहा- यही बच्चे एक दिन देश को चलाएंगे। गुरुकुल में बनाई गई लाइब्रेरी का एयर चीफ मार्शल की पत्नी ने शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाटक का मंचन किया। पहले पहलगाम में आतंकी हमले फिर भारत का आर्मी एक्शन दिखाया गया। इस दौरान भारत माता की जय के भी जयकारे लगे। एयर चीफ मार्शल ने कहा- आप बच्चों को जो भी बनाएं, लेकिन सबसे पहले हमें एक अच्छा इंसान बनना है। अगर अच्छा इंसान उन्हें बना पाएंगे तो आगे जाकर वो अच्छा काम करेंगे। सभी के नाम के आगे अगर उसके सपनों का सरनेम है तो उसका मिडिल नेम इंसान रख दिया जाए। जैसे मोहित इंसान डॉक्टर, अर्पिता इंसान आईएएस। तस्वीरें देखिए… अब एयरचीफ मार्शल की 5 बड़ी बातें पढ़िए… 1. यंग जनरेशन से मिलकर बहुत खुशी होती है एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने कहा- जब भी किसी स्कूल में यंग जनरेशन से मिलो तो बहुत खुशी होती है। आप सब लोग देश का भविष्य हें। यह देश कुछ अच्छा करता है तो भी आपके कारण ही होगा। अच्छा नहीं करता है तो भी आपके कारण होगा। आप सबको बड़े होकर इस देश को चलाना है। बच्चे जब कोई खंभा गाड़ते हैं तो पहले गड्ढा खोदते हैं। फिर खंभा गाड़ने के बाद उसके अगल-बगल कंक्रीट डाला जाता है। उसके सूखने पर खंभे को चाहे जितना हिलाओ, नहीं हिलेगा। क्योंकि, उसकी जड़ मजबूत हो जाती हैं। आज जब आप पढ़ रहे हों, वह आपकी जड़ है। बड़े होकर आप कितने काबिल बनोगे, वह इसी जड़ पर निर्भर करेगा। 2. आजादी की कीमत के बारे में बच्चों को बताते रहिए एयर चीफ मार्शल ने बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों से कहा- देश के बारे में बच्चों को नहीं बताएंगे तो कल जब उन्हें बड़े होने पर यह पता नहीं चलेगा कि हमारा देश क्या है। तब उन्हें आजादी की कीमत नहीं पता चलेगी। इसलिए ये बात बार-बार बताना बड़ों का कर्तव्य है। आज बच्चों को जो सिखाया जा रहा, उसे अच्छे से सीखे। जो टीचर बोलें, घर में माता-पिता बोलें, उसे करना है। आप अभ्यास करोगे तो अच्छा बनोगे। कोशिश हमेशा जारी रहनी चाहिए। एक बार आपने ठान लिया, तो उसके लिए प्रयास करते रहें। 3. बच्चों को जो भी बनाएं, सबसे पहले अच्छा इंसान बनाएं एयर चीफ मार्शल ने कहा- अच्छा इंसान हमेशा बने रहना है। अच्छा नागरिक बनना है। वैल्यू हमेशा बनी रहनी चाहिए। हमें अपने आस-पड़ोस में भी अच्छा व्यवहार करना है। उसके दुख-सुख में शामिल होना है। कालोनी की किसी जरूरत में अपना योगदान देना है तो देना चाहिए। वो चाहे श्रमदान से हो या फिर पैसे से। हम कहां पहुंचेंगे वह महत्वपूर्ण नहीं है, हम कैसे चल रहे हैं, वह महत्वपूर्ण है। हमें जिधर जाना है, उसी रास्ते पर चलना है। यदि आपको कोई समझाता है अच्छी बात तो उसका पालन करना चाहिए। घर में माता-पिता आपको जो बोलते हैं। आपके फायदे के लिए बोलते हैं, इसलिए उसका पालन करना चाहिए। यदि आपको और कुछ लगता है तो उसे मांगिए। उन्हें सही लगेगा तो देंगे। 4. यूनिफॉर्म पहनें या न पहनें, देश सेवा हमेशा कर सकते हैं हम यूनिफार्म पहनें या न पहनें, हम देश सेवा हमेशा कर सकते हैं। बड़े होकर हम कुछ भी बन जाएं, हमें कुछ समय, कुछ पैसा देश के लिए देना है। टैक्स के अलावा भी कुछ कीजिए। यह चीज हमें नहीं भूलनी है। हम लोग फेल होने से डरते हैं। कोशिश करने से पहले डरते हैं। गिरना गलत नहीं। लेकिन गिरकर न उठो, वह गलत है। रेस में फर्स्ट आना जरूरी नहीं, बल्कि रेस में भाग लेना जरूरी है। बड़े होकर भी लोग सोचते हैं कि यह बनना है, वह बनना है। कर्म करिए, फल की चिंता न करिए। इस समय पढ़ाई और हेल्थ पर ध्यान दें। 5. देश के लिए अपने से पहले सोचना है एयर चीफ मार्शल ने कहा- मुझे डॉक्टर बनना था। लेकिन मैं कहीं और पहुंच गया। शायद मैं डॉक्टर बनकर यह नहीं कर पाता जो यहां कर पाया। मैंने अपनी कोशिश की। कोशिश हमारा कर्तव्य है। हमारे संस्कार अच्छे होंगे, हमारी नींव बेहतर होगी तो अच्छा होगा। शिक्षा में ज्ञान को नंबर से ज्यादा महत्व देना चाहिए। अंक भी महत्वपूर्ण है लेकिन ऐसा नहीं है कि केवल रट कर पा लें। हमारे दिमाग में यह रहना चाहिए कि हमें एकजुट होकर रहना है, इस देश के लिए अपने से पहले सोचना है। समाज व देश की सेवा करना ही आपकी पूजा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय सिंह श्रीनेत ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा- खुद को संवारिए कि कुछ इस कदर कि पाने वाले को नाज रहे और खोने वाले को अफसोस रहे।
उन्होंने कहा- इस सरस्वती गुरुकुल में कोई सरनेम नहीं लिखता। उसका जो सपना होता है, वही उनका सरनेम है। ——————— ये खबर भी पढ़ें- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अचानक बस रोकी, 3 की मौत: रक्षाबंधन मनाने जा रहे थे, ड्राइवर बाथरूम के लिए उतरा, ट्रक ने टक्कर मारी सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बस को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 3 यात्रियों की मौत हो गई। जबकि 20 यात्री घायल हैं। इनमें 5 गंभीर है। गुरुवार तड़के 5.30 बजे ड्राइवर को पेशाब लगी। उसने एक्सप्रेस-वे पर थोड़ा किनारे करके बस को रोक दिया। नीचे उतरकर चला गया। तभी तेज रफ्तार ट्रक आया और पीछे से बस में घुस गया। पढ़िए पूरी खबर…
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एयर चीफ मार्शल बोले- बच्चे ही देश चलाएंगे:गोरखपुर में पत्नी के साथ पहुंचे, छात्रों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का एक्शन दिखाया
