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दरभंगा में सावन की अंतिम सोमवारी पर जिले के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव, बोल बम और ऊं नमः शिवाय के जयघोष से गूंजते रहे। मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल और मिथिला के बैद्यनाथ के नाम से प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में रात तीन बजे से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। सुबह तक कतार करीब दो किलोमीटर लंबी हो गई। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अंतिम सोमवारी पर कुशेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ कुछ कम रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसका प्रमुख कारण गर्भगृह में प्रवेश कर बाबा का स्पर्श करते हुए जल चढ़ाने की व्यवस्था नहीं होना है। इस बार मंदिर के मुख्य द्वार पर अरघा के माध्यम से जलाभिषेक की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु चंद्रकूप से जल लेकर अरघा में अर्पित कर रहे हैं, जिससे जल सीधे बाबा कुशेश्वरनाथ पर पहुंच रहा है। प्रधान पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोला गया। इसके बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर जलाभिषेक के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में कांवरिया गंगाजल लेकर धाम पहुंचे। कई श्रद्धालु दंड प्रणाम करते हुए भी बाबा के दरबार तक पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र शिवभक्तों के जयघोष से लगातार गूंजता रहा। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतार भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर से सटे धर्मशाला परिसर में बांस-बल्ले से घुमावदार बैरिकेडिंग की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार बनाई गई। विभिन्न स्थानों पर ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया गया। शिवगंगा घाट सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु शिवनगर बाजार में पूजा सामग्री, फूल, बेलपत्र, प्रसाद सहित अन्य सामान खरीदते नजर आए। सुबह से ही बाजार में चहल-पहल बनी रही। पूरा क्षेत्र गेरुआ वस्त्र पहने कांवरियों और शिवभक्तों से पट गया।
आईजी, डीएम और एसएसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर मिथिला क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक मनोज तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी, बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने कुशेश्वरस्थान मंदिर और आसपास के परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग, पार्किंग, शिवगंगा घाट सहित विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान विधि-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद समेत अन्य अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र का जायजा लेते रहे। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, खगड़िया धर्मशाला समेत चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की अलग-अलग तैनाती की गई थी। स्थानीय थाना, काली मंदिर के पास, असमा, पारो और शिवमंदिर के पूरब की ओर समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। शिवगंगा पोखर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात रही। नेपाल समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे। श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन की ओर से चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, पुलिस बल, दंडाधिकारी और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। यातायात नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अरघा के माध्यम से जलाभिषेक की व्यवस्था के कारण इस बार भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। कई श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश कर बाबा का स्पर्श करते हुए पूजा और जलाभिषेक करना पसंद करते हैं। इसी कारण कुछ श्रद्धालु सामान्य दिनों में मंदिर पहुंचकर पूजा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। शाम को होगी भजन संध्या अंतिम सोमवारी के अवसर पर कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी। देर शाम खगड़िया धर्मशाला प्रांगण में भजन संध्या का आयोजन होगा। इसमें भोजपुरी के प्रसिद्ध गायक धनंजय शर्मा, गायिका खुशी कक्कर, सुर संग्राम विजेता मास्टर विकास समेत अन्य कलाकार प्रस्तुति देंगे। जिले के अन्य शिवालयों में भी उमड़ी भीड़ सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर में सुबह करीब 3:15 बजे पट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सीसीटीवी, ड्रॉप गेट तथा महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी तैनात रही। जाले के रतनपुर स्थित ऐतिहासिक गंगेश्वरनाथ मंदिर में सुबह करीब 3:30 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मिनी बाबाधाम के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में कांवरिये पहुंचे। मंदिर समिति की ओर से पेयजल, शरबत और भंडारे की व्यवस्था की गई। महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को जलाभिषेक कराने में स्वयंसेवकों ने सहयोग किया। पौधों को किया गया वितरण जाले के मनमा महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यहां बाबा को मनोकामना लिंग के रूप में पूजा जाता है। मंदिर समिति की ओर से हरित सावन अभियान के तहत जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के बीच पौधे वितरित किए गए।
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