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इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में अब वन्यजीवों को देखने के साथ दर्शक जंगल के बीच होने जैसा रोमांच भी महसूस कर सकेंगे। जू परिसर में करीब 4.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर का उद्घाटन आज दोपहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। आम दर्शकों के लिए यह सुविधा 16 अगस्त से शुरू होगी। पूरे प्रोजेक्ट में 14 तरह के इफेक्ट्स शामिल किए गए हैं। बारिश के दौरान पानी की बूंदें, चेहरे पर हवा के झोंके, कोहरा, बुलबुले, वाइब्रेशन और सीटों की मूवमेंट जैसे इफेक्ट्स स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के साथ बदलेंगे। थिएटर की वाटरप्रूफ स्क्रीन साउथ कोरिया से मंगाई गई है। जू प्रबंधन का दावा है कि भारत का यह पहला वर्चुअल जू 14-D थिएटर है। थिएटर मंगलवार से रविवार तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। रोज 20-20 मिनट के 16 शो होंगे। टिकट की कीमत 70 रुपए है। देखिए, पांच तस्वीरें नियोन लाइटिंग से शुरू होगा जंगल का अनुभव 14-D थिएटर में प्रवेश जू परिसर के अंदर बनाए गए बड़े गोरिल्ला के मुंह जैसे गेट से होगा। टिकट लेने के बाद दर्शक आगे बढ़ेंगे, जहां रोशनी कम होते ही नियोन लाइटिंग के साथ 3-D जंगल का अनुभव शुरू होगा। दीवारों पर बड़े पेड़, टाइगर, शेर और जंगल के अन्य दृश्य दिखाई देंगे। ऐसा माहौल बनाया जाएगा कि दर्शकों को असली जंगल में पहुंचने जैसा अहसास हो। सीन के मुताबिक मूव करेंगी थिएटर की सीटें 14-D थिएटर में दर्शक 3-D चश्मे के साथ मूविंग सीटों पर बैठेंगे। करीब 20 मिनट के शो को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले 10 मिनट में एडवेंचर ऑफ फॉरेस्ट का अनुभव कराया जाएगा। स्क्रीन पर दिखने वाले दृश्यों के अनुसार सीटें आगे-पीछे और ऊपर-नीचे मूव करेंगी। चेहरे पर हवा और पानी के छींटे, कोहरा और बुलबुलों जैसे इफेक्ट्स भी महसूस होंगे। अगले 10 मिनट में प्री-हिस्टोरिक एडवेंचर दिखाया जाएगा। इसमें दर्शकों को पुराने समय के जंगल और उस दौर के जीवों की दुनिया का वर्चुअल अनुभव मिलेगा। पहाड़ चढ़ने पर सीट ऊपर, उतरने पर नीचे जाएगी जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार, सीटों की मूवमेंट स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के मुताबिक होगी। यदि स्क्रीन पर गाड़ी पहाड़ से नीचे उतरती दिखाई देगी तो सीट नीचे की ओर जाएगी और चढ़ाई के दौरान ऊपर उठेगी। जंगल में गाड़ी चलने या रोलर कोस्टर जैसा अनुभव कराने के लिए छोटे झटके भी दिए जाएंगे। ग्लो गार्डन में रोशन होंगी तितलियां और पौधे थिएटर के बाद दर्शक ग्लो गार्डन का अनुभव ले सकेंगे। रास्ते में शेर और बोलता हुआ पेड़ उनका स्वागत करेंगे। हाथ लगाने पर गेट खुलेगा। अंदर फाइबर ऑप्टिक लाइट्स से रोशनी का आकर्षक माहौल बनाया गया है। घास जैसा फर्श, आसपास तितलियों और पौधों की आकृतियां होंगी, जो दर्शकों के कदमों के साथ रोशन होंगी। भूल-भुलैया में दहाड़ के बीच तलाशना होगा रास्ता इसके बाद दर्शक भूल-भुलैया में पहुंचेंगे। यहां कई रास्ते होंगे। बीच-बीच में शेर की दहाड़ और भालू का गुर्राना सुनाई देगा। दर्शकों को रोमांच के बीच सही रास्ता तलाशना होगा। इसके बाद मिरर ब्रिज आएगा, जहां होलोग्राम के जरिए भगवान हनुमान के दर्शन होंगे। आगे 3-D वाइल्ड लाइफ इमर्सिव सफारी होगी। इसके बाद 3-D डोम में करीब 10 मिनट का वाइल्ड लाइफ शो होगा। बड़ी स्क्रीन और 3-D इफेक्ट्स के बीच ऐसा अनुभव होगा, जैसे जंगल चारों तरफ मौजूद हो। पूरा सफर खत्म होने के बाद दर्शक कैंटीन में इंदौरी व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। 14 एलिमेंट्स मिलकर बनाएंगे वर्चुअल जंगल जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट में 14 अलग-अलग एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। स्क्रीन पर बारिश का दृश्य आने पर बादलों की गर्जना, पानी की बूंदें और फ्यूम्स जैसे इफेक्ट्स एक साथ सक्रिय होंगे। इसी तरह पहाड़ या एडवेंचर के दृश्यों के अनुसार सीटों की मूवमेंट और अन्य इफेक्ट्स बदलेंगे। प्रोजेक्ट को करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कुछ दिक्कतों के कारण इसमें करीब दो महीने अतिरिक्त लगे। ये खबर भी पढ़ें… उज्जैन की नक्षत्र वाटिका में अब नक्षत्रों और ग्रहों की चाल का पता चलेगा उज्जैन के जंतर मंतर यानी जीवाजी वेधशाला की नक्षत्र वाटिका में सूर्य और 8 ग्रहों के मॉडल बनाए गए हैं। इसमें सूर्य से सभी ग्रहों की दूरी, तुलनात्मक आकार, मूल रंग और परिक्रमा को दर्शाया गया है। वाटिका में 12 राशियों, उनके तारा समूह और आकार को भी मॉडल के रूप में बनाकर सौरमंडल की परिकल्पना की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
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इंदौर-जू में अब जानवरों के साथ डिजिटल जंगल का रोमांच:देश के पहले वर्चुअल थिएटर में बारिश की बूंदें गिरेंगी, पहाड़ चढ़ने-उतरने पर हिलेगी सीट
