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मधुबनी जिले में बारिश के कारण सड़कों की खराब स्थिति लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई प्रमुख सड़कों पर छोटे-बड़े गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। बारिश के पानी से गड्ढे भर जाने के बाद वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता। इससे दोपहिया, चारपहिया और यात्री वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका लगातार बनी रहती है। इसके बावजूद, संबंधित विभागों द्वारा अब तक गड्ढों की मरम्मत के लिए कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने करीब एक माह पूर्व क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिले की सड़कों की स्थिति का जायजा लिया था। RK कॉलेज के पास कई बड़े गड्ढे मौजूद उन्होंने सड़कों पर बने गड्ढों और बारिश में जलजमाव की समस्या को गंभीरता से लिया था। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य उच्च पथ, प्रमुख जिला सड़क और ग्रामीण सड़क सहित सभी श्रेणी की सड़कों पर गड्ढों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनकी तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। इन निर्देशों के बावजूद, प्रमुख मार्गों पर स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है। रहिका से मधुबनी आने-जाने वाली मुख्य सड़क पर आरके कॉलेज के समीप कई बड़े गड्ढे मौजूद हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे के बीच का अंतर स्पष्ट नहीं हो पाता। इससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं या गड्ढों से बचने के लिए वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ता है। DM ने दिया था मरम्मत का स्पष्ट निर्देश स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर गड्ढों के कारण कई वाहन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी प्रकार, मधुबनी से सकरी जाने वाले मार्ग की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों छोटी से लेकर बड़ी गाड़ियों का आना जाना लगा रहता है सड़क जगह-जगह बड़े गड्ढों में बारिश का पानी जमा रहने से आवागवन में खासा मुश्किलो का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर गड्ढों के कारण सवारी से भरे ऑटो के पलटने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि जब जिलाधिकारी ने एक माह पूर्व ही गड्ढों की पहचान कर मरम्मत कराने का स्पष्ट निर्देश दिया था, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह बड़ा सवाल है। अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति आंखें मूंदे क्यों बैठे हैं।
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मधुबनी में DM के निर्देश बेअसर:सड़कों के गड्ढों की मरम्मत नहीं, बढ़ रहा एक्सीडेंट का खतरा
