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पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बुधवार शाम बांका परिसदन भवन में घोषणा की कि झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम का विकास काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बांका जिले के मंदार स्थित श्री काशी विश्वनाथ-त्रिपुरेश्वरी महादेव मंदिर का भी सौंदर्यीकरण और कायाकल्प कराया जाएगा। चौबे ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास से बिहार के पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने एक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत झारखंड के बाबाधाम, भागलपुर के विक्रमशिला और बांका के मंदार को आपस में जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना है। इस पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। चौबे ने मंदार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। मंदिर के सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने जोर दिया कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना आवश्यक है। मंदार स्थित श्री काशी विश्वनाथ-त्रिपुरेश्वरी महादेव मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बांका की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा। बच्चों को सिर्फ किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं इस दौरान, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नई पीढ़ी के भविष्य पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समग्र विकास के लिए नैतिक और वैचारिक शिक्षा भी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के साथ उनके संस्कार और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। चौबे ने कहा कि आज की पीढ़ी ही देश का भविष्य है, इसलिए बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना महत्वपूर्ण है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान पर गंभीरता से विचार करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में व्यस्त रहा। छात्र और युवा देश की भविष्य की शक्ति हैं, इसलिए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और सकारात्मक पहल होनी चाहिए। इथेनॉल और ई-20 पर शोध की जरूरत इथेनॉल और ई-20 ईंधन के संबंध में अश्विनी चौबे ने कहा कि देश को इसके बेहतर परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए व्यापक शोध और वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में संभावनाओं को तलाशते समय पर्यावरण, वाहनों और किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों का गहराई से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही तरीके से आगे बढ़ने पर वैकल्पिक ईंधन देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा दे सकता है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश मिश्रा, समाजसेवी राहुल डोकानिया, देवशीष पांडे, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश सिन्हा सहित कई लोग मौजूद रहे।
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बाबाधाम का काशी विश्वनाथ की तर्ज पर होगा विकास:पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने दी जानकारी, बोले-सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
