![]()
दरभंगा में सावन की दूसरी सोमवारी पर जिले के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल और मिथिला के बैद्यनाथ धाम के नाम से प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वर स्थान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। रात करीब 12 बजे से ही मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। सुबह होते-होते यह कतार करीब तीन किलोमीटर तक पहुंच गई। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट और आसपास का पूरा इलाका शिवभक्तों से पट गया। सुबह करीब तीन बजे प्रधान पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने चंद्रकूप से जल लेकर बाबा कुशेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया। इस बार भीड़ को देखते हुए गर्भगृह में जाकर जल चढ़ाने की व्यवस्था नहीं की गई है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर अरघा लगाया गया है। नेपाल समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु कुशेश्वरनाथ धाम में बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने इस वर्ष श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहली सोमवारी की तुलना में दूसरी सोमवारी पर भीड़ अधिक रही। मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चिकित्सा सुविधा, पुलिस बल, दंडाधिकारी और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। गाड़ी पार्किंग के लिए स्थल निर्धारित किया गया है। जिले के अन्य शिवालयों में भी उमड़ी भीड़ सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर, जाले के रतनपुर स्थित गंगेश्वरनाथ मंदिर और मनमा महादेव, केवटी के पिंडारूच गोपालपुर स्थित गंगधारेश्वर महादेव मंदिर समेत जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से ही मंदिरों में जलाभिषेक के लिए कतार लग गई थी। हर-हर महादेव, बोल बम और ऊं नमः शिवाय के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय बना रहा। बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर में सुबह 3:15 बजे पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यहां हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सीसीटीवी, ड्रॉप गेट और महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी तैनात रही। सुल्तानगंज से जल लेकर पहुंचते हैं शिवभक्त जाले प्रखंड के रतनपुर पंचायत स्थित ऐतिहासिक गंगेश्वरनाथ मंदिर में भी सुबह 3:30 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मंदिर को स्थानीय स्तर पर ‘मिनी बाबाधाम’ के नाम से जाना जाता है। यहां कांवरिये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पहुंचते हैं। मंदिर समिति की ओर से पेयजल, शरबत और भंडारे की व्यवस्था की गई है। महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को जलाभिषेक कराने में स्वयंसेवकों ने सहयोग किया। जाले के मनमा महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यहां बाबा को मनोकामना लिंग के रूप में पूजा जाता है। मंदिर समिति की ओर से ‘हरित सावन’ अभियान चलाया गया। इसके तहत जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं को पौधे वितरित किए गए। इसके अलावा भरवाड़ा के दिग्घी पोखर स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शाम को श्रृंगार पूजा, महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया। ग्रामीण एसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी ने सुबह कुशेश्वरस्थान मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग स्थल, पार्किंग स्थल और शिवगंगा घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, बिरौल एसडीओ शशांक राज, कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद सहित अन्य अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जाए, इस पर विशेष नजर रखी जा रही है। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, खगड़िया धर्मशाला सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी 56 से निगरानी की जा रही है। जगह-जगह दंडाधिकारी के साथ महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। स्थानीय थाना, काली मंदिर के पास, असमा, पारो और शिवमंदिर के पूरब की ओर समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। शिवगंगा पोखर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर के गर्भगृह से लेकर परिसर, मुख्य मार्ग, बाजार के विभिन्न चौक और मेला क्षेत्र में पुलिस बल के साथ स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। विशेष रूप से शिवगंगा घाट पर संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे घाट क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से विशेष जोन बनाया गया है। यहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। न्यास समिति के सदस्य मणीकांत झा और संतोष कुमार पोद्दार ने बताया कि दूसरी सोमवारी को श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैनात सुरक्षा बल के अलावा करीब 300 स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है। स्वयंसेवकों का चयन कर न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज और उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी की ओर से उन्हें पहचान पत्र और स्वयंसेवक ड्रेस उपलब्ध करा दी गई है। स्वयंसेवकों की तैनाती प्रशासनिक स्तर पर की जाएगी और उनके कार्यों की निगरानी एवं नियंत्रण की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन के पास रहेगी। वहीं, मेला क्षेत्र में साफ-सफाई का काम भी लगातार कराया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
Source link
दरभंगा- कुशेश्वर स्थान में जलाभिषेक के लिए 3 KM लाइन:नेपाल से भी पहुंच रहे हैं श्रद्धालु, हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा इलाका गूंज रहा
