Headlines

मुंगेर में मवेशी तस्करी में 4 पुलिसकर्मी समेत 7 अरेस्ट:ट्रक पास कराने को लेते थे 1500 रुपये, 35 भैंसें मुक्त; SP बोले-'मध्यरात्रि मिली थी सूचना'




मुंगेर में पशु तस्करी के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पशु तस्करी में सहयोग करने के आरोप में 4 पुलिसकर्मियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में यातायात थाना के एएसआई अयोध्या कुमार, चालक विमलेश कुमार तथा मुफस्सिल थाना के होमगार्ड जवान अभिलेश कुमार और अरविंद कुमार शामिल हैं। 47 हजार नकद, 1 ट्रक और बाइक पकड़ी वहीं, पशु तस्करी में संलिप्त ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू, उपचालक मो. जियाउल और लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 47 हजार रुपये नकद, एक ट्रक, एक बाइक, सात मोबाइल फोन और 35 भैंस बरामद की हैं। इनमें चार भैंस मृत मिलीं। पुलिस के अनुसार, पशुओं को ट्रक में क्रूरतापूर्वक लादकर ले जाया जा रहा था। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… श्रीकृष्ण सेतु के पास पकड़ा गया ट्रक मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 6 और 7 अगस्त की मध्यरात्रि सूचना मिली थी कि कुछ पशु तस्कर ट्रक में बड़ी संख्या में पशुओं को लादकर मुंगेर के रास्ते ले जा रहे हैं। ट्रक के आगे एक बाइक सवार लाइनर के रूप में चल रहा था। सूचना के आधार पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह और जिला आसूचना इकाई की टीम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने बाइक सवार व ट्रक को पकड़ा टीम ने श्रीकृष्ण सेतु के पास वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान चंडिका स्थान की ओर से आ रहे एक बाइक सवार को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही बाइक सवार ने पीछे आ रहे पशु लदे ट्रक को आगे बढ़ जाने का इशारा किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बाइक सवार और ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक की जांच करने पर उसमें बड़ी संख्या में भैंसें बेहद खराब तरीके से लदी मिलीं। सभी पशुओं को मुफस्सिल थाना लाया गया, जहां चार भैंस मृत पाई गईं। भागलपुर से अररिया ले जाए जा रहे थे पशु पूछताछ में ट्रक चालक अमित कुमार और उपचालक मो. जियाउल ने पुलिस को बताया कि वे खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं, लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम कुमार मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव का रहने वाला है। एसपी के अनुसार, लाइनर से पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच में पशु तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उसने बताया कि पशुओं को भागलपुर जिले से ट्रक के जरिए लाया जा रहा था और उन्हें अररिया जिले पहुंचाया जाना था। प्रति खेप 1500 रुपये लेते थे पुलिसकर्मी एसपी ने बताया कि लाइनर के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई पुलिसकर्मियों से उसकी बातचीत और कथित लेन-देन के साक्ष्य सामने आए। आरोप है कि पशु तस्करी के वाहनों को जिले से सुरक्षित पार कराने के एवज में पुलिसकर्मियों को प्रत्येक खेप 1500 रुपये दिए जाते थे। यातायात पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों की भूमिका इसमें रात्रि गश्ती दल के पुलिस पदाधिकारी और जवानों के अलावा यातायात थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों की भूमिका सामने आई है। जांच के दौरान यातायात थाना के एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पांच-छह और लोगों की भूमिका की जांच एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जांच में पांच से छह अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। इनमें पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मी और पशु तस्करी से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है। आरोप सत्यापित होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुफस्सिल थाना में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और पशु परिवहन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पशु तस्करी रोकने वाली पुलिस पर ही आरोप मुंगेर में पुलिस द्वारा पहले भी अवैध रूप से ले जाए जा रहे पशुओं को कंटेनर ट्रक और मालवाहक वाहनों से मुक्त कराया जाता रहा है। लेकिन इस मामले में पहली बार पशु तस्करी के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर सहयोग करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क में पुलिसकर्मियों की भूमिका का खुलासा हुआ। मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *