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भागलपुर नगर निगम में कर संग्रहण (टैक्स कलेक्शन) का काम कर रही निजी कंपनी के कर्मचारियों और कर संग्रहकों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। कई महीनों से लंबित वेतन और ईपीएफ-ईएसआईसी का भुगतान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को स्मार्ट सिटी भवन में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। तालाबंदी के साथ ही कर संग्रहकों ने मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है, जिससे नगर निगम के राजस्व वसूली का काम पूरी तरह ठप होने की आशंका गहरा गई है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि वे पिछले कई महीनों से बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं। आम कर संग्रहकों का पिछले 9 से 10 महीनों का वेतन बकाया है, जबकि कुछ टीम लीडर्स को पिछले एक साल से मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा, मार्च 2023 या उसके बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) और ईएसआईसी (ESIC) खाते में अब तक लगभग 40 महीनों से एक भी रुपया जमा नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट हो गया है।
निगम और कंपनी के बीच फंसे कर्मचारी
कर्मचारी लीडर मोहम्मद असफाक दयाल ने बताया कि वे अपनी इस बदहाली को लेकर नगर आयुक्त से 3 बार लिखित आवेदन के माध्यम से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि संबंधित निजी कंपनी की ओर से पूरे दस्तावेज (पेपर) सबमिट नहीं किए जाने के कारण पिछले 6 महीनों से कंपनी का कमीशन होल्ड (रोक) पर रखा गया है। वहीं दूसरी ओर, कंपनी इस कार्रवाई का आड़ लेकर सभी छोटे कर्मचारियों का वेतन दबाकर बैठी है।
सिक्योरिटी मनी की वापसी की भी मांग
प्रदर्शन के दौरान तहसीलदारों ने यह भी मुद्दा उठाया कि नौकरी के समय उनसे ₹35,000 का डिमांड ड्राफ्ट सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा कराया गया था। यदि यह विवाद नहीं सुलझता और काम बंद होता है, तो उनकी यह सुरक्षा राशि भी तुरंत वापस की जानी चाहिए।
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सैलरी, ईपीएफ-ईएसआईसी भुगतान की मांग पर प्रदर्शन:अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, भागलपुर के स्मार्ट सिटी भवन में तालाबंदी की
