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खगड़िया में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा:मुंगेर के 2 समेत 3 गिरफ्तार, हथियार और उपकरण बरामद




खगड़िया के महेशखूंट थाना क्षेत्र के हरदयाल नगर बन्नी में पुलिस ने एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुंगेर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के टिकारामपुर बिहारी मरर टोला निवासी नवीन कुमार यादव, मिर्जापुर बरदह निवासी मो. बाबर और महेशखूंट थाना क्षेत्र के हरदयाल नगर बन्नी निवासी सुलेखा देवी शामिल हैं। खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को हरदयाल नगर बन्नी में मिनी गन फैक्ट्री संचालित होने की गुप्त सूचना मिली थी। 6,300 रुपए कैश भी जब्त किए गए सूचना के आधार पर डीआईयू और स्थानीय थाना पुलिस की टीम ने सुलेखा देवी के घर और उसके पीछे स्थित केलाबाड़ी में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देसी कट्टा, दो अर्धनिर्मित पिस्टल, दो पिस्टल बैरल, पिस्टल के चार स्प्रिंग और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी, ड्रिल मशीन, दो लेथ मशीन, रेलवे की कटी हुई लोहे की पटरी, रेती, आरी, लोहे का कटर, पिलास, हथौड़ी, ड्रिल रॉड सहित बड़ी संख्या में उपकरण बरामद किए। इसके अतिरिक्त, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और 6,300 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में नवीन कुमार यादव को इस मिनी गन फैक्ट्री का मुख्य सरगना बताया गया है। मो. बाबर के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज – SP उसने मो. बाबर को हथियार बनाने के लिए काम पर रखा था। पुलिस के अनुसार, बाबर लंबे समय से हथियार बनाने वाले कारीगर के रूप में सक्रिय था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तैयार हथियारों को खगड़िया, मुंगेर और बेगूसराय जैसे आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाता था। एसपी ने यह भी बताया कि मो. बाबर के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ मुंगेर के मुफ्फसिल व बरियारपुर तथा लखीसराय के सूर्यगढ़ा थाने में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही पुलिस अन्य दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक इस तरह की मिनी गन फैक्ट्री किसी स्थायी स्थान पर लंबे समय तक संचालित नहीं की जाती। इसे आमतौर पर 10 से 15 दिनों के लिए अस्थायी रूप से चलाने के बाद दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। इस मामले में महेशखूंट थाना कांड संख्या 157/26, दिनांक 26 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के माध्यम से जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी दल में महेशखूंट थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक मिथलेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार, डीआईयू खगड़िया, एसटीएफ (SOG-03) की टीम तथा सशस्त्र बल शामिल रहे।



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