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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कैमूर जिले में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भभुआ स्थित राजद कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में रामगढ़ के पूर्व विधायक प्रत्याशी अजीत सिंह और भभुआ के पूर्व विधायक प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। राजद नेताओं ने किसानों की उपेक्षा, खाद की कालाबाजारी और सिंचाई के लिए पानी की किल्लत को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। अजीत सिंह ने कृषि विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कैमूर में किसान धान की शत-प्रतिशत रोपनी कर चुके हैं। इसके बावजूद दो महीने बाद अब प्रखंडों में सरकारी बीज भेजे जा रहे हैं। बीज माफिया से मिलीभगत का आरोप अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि बीज माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रतिदिन स्टॉक का रोस्टर सार्वजनिक करने और प्रत्येक दुकान पर नोडल अधिकारी तैनात करने की मांग की। इसके अलावा बारिश के मौसम में मवेशियों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने की भी अपील की। डीएपी-यूरिया के लिए लंबी कतारों का दावा वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने एनडीए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान डीएपी और यूरिया के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। उन्होंने जगदहवा और कर्मचट बांधों से नहरों में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। आंदोलन की चेतावनी राजद कार्यकर्ताओं ने कृषि विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा कि यदि खाद की कालाबाजारी नहीं रुकी और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला, तो राजद सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी उग्र आंदोलन करेगा।
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किसानों के मुद्दे पर RJD का सरकार के खिलाफ मोर्चा:कैमूर में खाद की कालाबाजारी पर प्रदर्शन, सरकारी बीज दो महीने बाद भेजने का आरोप
