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पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली। कैसर ने दावा किया कि मैं खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद था। उनके मुताबिक फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। PAK संसद में कैसर का पूरा बयान… सांसद बोले- UAE सरकार के सामने मामला उठाए पाकिस्तान कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से UAE अधिकारियों के सामने यह मामला उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं का असर उन पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का ‘इस्लामिक भाई देश’ बताया और कहा कि वहां के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनसे मिलकर UAE में ऐसे ही व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने होटल का नाम, यात्रियों की संख्या या कोई सबूत सामने नहीं रखा। UAE में फ्लाइट कैंसिल होने पर क्या हैं नियम UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम के तहत फ्लाइट कैंसिल होने या लंबे समय तक देरी होने पर एयरलाइन को यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सहायता देनी होती है। अगर यात्रियों को 8 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़े तो नियमों के तहत होटल, खाना-पीना, कम्युनिकेशन और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की फैसिलिटी देने का प्रावधान है। कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने और अगली संभावित फ्लाइट 8 घंटे से ज्यादा होने पर भी होटल की व्यवस्था की जा सकती है। पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा का नियम नहीं GCAA के नियमों के मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल या लेट होने पर यात्रियों को होटल, खाना और दूसरी सुविधाएं उनकी परेशानी और इंतजार के समय के हिसाब से दी जाती हैं। भारतीय, अमेरिकी या पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर अलग-अलग होटल सुविधा देने का कोई नियम नहीं है। यानी अगर इस मामले में पासपोर्ट देखकर किसी यात्री को कमरा दिया गया और किसी को नहीं, तो यह सामान्य नियमों के मुताबिक नहीं होगा। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि होटल ने सच में पासपोर्ट देखकर ही यात्रियों को कमरे दिए थे। UAE में 18 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी रहते हैं UAE में करीब 18 लाख पाकिस्तानी रहते और काम करते हैं। इनमें बड़ी संख्या कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी है। इसके अलावा बैंकिंग, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और रिटेल जैसे सेक्टर में भी पाकिस्तानी प्रोफेशनल काम करते हैं। 2025 में करीब 47 हजार पाकिस्तानी-स्वामित्व वाले कारोबार रजिस्टर्ड होने की जानकारी सामने आई थी। UAE में काम करने वाले पाकिस्तानी हर साल बड़ी रकम अपने देश भेजते हैं। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक, FY2025 में UAE से 7.829 अरब डॉलर की रेमिटेंस पाकिस्तान पहुंची, जो कुल वर्कर्स रेमिटेंस का करीब 20.4% थी। ——————— ये खबर भी पढ़ें…. पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा:इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं; 15 अगस्त को रिलीज हुई थी ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और इससे असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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PAK सांसद बोले- UAE में पाकिस्तानियों से भेदभाव हुआ:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में कमरा नहीं मिला; भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया
