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50 मार्क्स लाने वाली शिक्षिका के प्रमाणपत्र पर 90 दर्ज:फर्जी टीईटी सर्टिफिकेट पर 12 साल से नौकरी करने का आरोप; महिला टीचर पर FIR




मुजफ्फरपुर में टीईटी के अंकपत्र में कथित फर्जीवाड़ा कर शिक्षिका की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। मीनापुर के प्राथमिक विद्यालय पैगम्बरपुर हनुमान में पदस्थापित नियोजित शिक्षिका ज्ञान्ती कुमारी पर वर्ष 2011 के टीईटी अंकपत्र में 50 की जगह 90 अंक दिखाकर वर्ष 2014 में नौकरी हासिल करने का आरोप है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के रिकॉर्ड से अंकपत्र का मिलान कराया गया तो संबंधित रोल नंबर पर 50 अंक मिले। बोर्ड ने 90 अंक वाले अंकपत्र को फर्जी बताया है। इसके बाद सिवाइपट्टी थाने में शिक्षिका और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अंकपत्र में 40 अंक ज्यादा दिखाने का आरोप निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के इंस्पेक्टर दिवाकर कुमार दिनकर की शिकायत के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में वर्ष 2006 से 18 मई 2015 तक नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिले की शिक्षिका ज्ञान्ती कुमारी के प्रमाणपत्रों की जांच की गई। शिक्षिका ने वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत नियोजन इकाई पैगम्बरपुर में आवेदन दिया था। नियोजन के दौरान उन्होंने वर्ष 2011 का टीईटी अंकपत्र जमा किया था, जिसमें 90 अंक दर्ज थे। इस प्रमाणपत्र को सत्यापन के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना भेजा गया। बोर्ड के रिकॉर्ड में 50 अंक, अभ्यर्थी अनुत्तीर्ण बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की 31 दिसंबर 2021 की सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार, रोल नंबर 2318112331 पर अभ्यर्थी के नाम से 50 अंक दर्ज थे। रिपोर्ट में अभ्यर्थी को अनुत्तीर्ण बताया गया। जबकि नियोजन के लिए जमा अंकपत्र में 90 अंक और क्वालिफाइड दर्ज होने की बात सामने आई। निगरानी जांच में इसी अंतर को प्रमाणपत्र में कथित फर्जीवाड़े का आधार बनाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंकपत्र में कूटरचना कर उसे असली के रूप में इस्तेमाल किया गया और इस आधार पर नौकरी हासिल की गई। जांच एजेंसी ने इसमें अन्य अज्ञात लोगों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है। 2014 में हुई थी नियुक्ति, अब दर्ज हुई प्राथमिकी ज्ञान्ती कुमारी की नियुक्ति वर्ष 2014 में अप्रशिक्षित पंचायत शिक्षिका के रूप में हुई थी। वह मीनापुर के प्राथमिक विद्यालय पैगम्बरपुर हनुमान में पदस्थापित हैं। निगरानी जांच में अंकपत्र को फर्जी बताए जाने के बाद सिवाइपट्टी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश रंजन को सौंपी गई है। अब पुलिस इस बात की जांच करेगी कि अंकपत्र में कथित हेराफेरी कैसे हुई और इसमें किन अन्य लोगों की भूमिका थी। फिलहाल शिक्षिका पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी। उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।



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