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दुर्गा पूजा पर 500 से ज्यादा बकरों की बलि:अररिया के 3 प्रमुख मंदिरों में दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़




नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर अररिया शहर पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से देर शाम तक मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शाम होते ही मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की कतारें लग जा रही हैं। मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा शहर गुंजायमान है। जगह-जगह उमड़ रही भीड़ के कारण शहर में मेले जैसा माहौल नजर आ रहा है। तीन प्रमुख मंदिरों में बलि प्रदान के लिए लगी कतारें नवरात्रि के अवसर पर शहर के विश्व प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर, काली मंदिर चौक स्थित अड़गड़ा दुर्गा मंदिर और जयप्रकाश नगर स्थित नव दुर्गा कला मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिली। तीनों मंदिरों में सुबह से ही बलि प्रदान के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन तीनों मंदिरों में 500 से अधिक बकरों की बलि दी गई। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। भक्ति गीतों से गूंज रहीं शहर की सड़कें अररिया की प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों से गुजरने पर जगह-जगह मां दुर्गा के भक्ति गीत और धुन सुनाई दे रहे हैं। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पूजा-पाठ में जुटे हैं। मंदिरों में उमड़ती भीड़ और चारों ओर सुनाई दे रहे जयकारों ने शहर के माहौल को भक्तिमय बना दिया है। कन्या पूजन कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना नवरात्रि के मौके पर शहर के विभिन्न घरों में कन्या पूजन भी किया गया। लोगों ने छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की और उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सांसद ने किए दर्शन, सुरक्षा में जुटा प्रशासन देर शाम अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने भी विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और सुख-शांति की कामना की। वहीं, पर्व के दौरान शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मना सकें।



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