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किशनगंज में छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के स्टेडियम रोड पर दर्जनों कारीगर बांस की टोकरी, सूप और अन्य सामग्री बनाने में दिन-रात जुटे हैं। बांस मंगाकर उसे काटकर और तराशकर सामग्री तैयार की जा रही है। कारीगरों का कहना है कि छठ पूजा में बांस की टोकरी और सूप की मांग काफी बढ़ जाती है। एक कुशल कारीगर हर दिन करीब 75 टोकरी बना लेता है। कारीगर रमेश ने बताया कि छठ पूजा में बांस की टोकरी, दउरा और सूप का खास महत्व है। श्रद्धालु इन्हीं में फल, ठेकुआ और प्रसाद रखकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। अभी से ग्राहक कीमत और उपलब्धता की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। छठ पूजा नजदीक आने पर बिक्री तेज होने की उम्मीद है। व्यापारी आसपास के इलाकों में भी इनकी आपूर्ति करते हैं। मौसम सही होने पर उत्पादन में लाएंगे तेजी स्टेडियम रोड पर पहुंच रहे बांस से लदे ट्रकों की आवाजाही भी बढ़ गई है। कारीगरों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर उत्पादन और तेज किया जाएगा। उनका प्रयास है कि पर्व से पहले पर्याप्त मात्रा में टोकरी और सूप तैयार कर लिए जाएं ताकि किसी प्रकार की कमी न हो। दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच छठ महापर्व की आहट ने किशनगंज के बाजारों में भी रौनक बढ़ा दी है। पारंपरिक शिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए यह सीजन रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे छठ पूजा करीब आएगी, वैसे-वैसे स्टेडियम रोड पर कारीगरों की व्यस्तता और बाजार की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
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छठ के लिए दिन-रात बन रहीं बांस की टोकरी:किशनगंज में ट्रकों से आ रहा बांस; हर दिन एक कारीगर बना रहा 75 टोकरी
