नई दिल्ली12 मिनट पहले
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दिल्ली पुलिस ने करीब दो महीने पुराने स्लीपर बस गैंगरेप मामले में 398 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस के मुताबिक बस से कुछ सबूत मिले थे। जिसमें सीमेन सैंपल और बाल शामिल हैं।
चार्जशीट में पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और अन्य समेत 10 गवाहों के बयान हैं। चार्जशीट 18 सितंबर को कोर्ट में दाखिल की गई थी और 24 सितंबर को कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी थी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे।
पुलिस ने बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़ित उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं की छात्रा है।

4 अगस्त की घटना को सिलसिलेवार तरीके से समझिए, 6 पॉइंट…
1. पीड़ित घर से झगड़कर निकली
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित यूपी के मैनपुरी की रहने वाली है। परिवार में झगड़ा होने पर बिना बताए नोएडा में कजिन के घर के लिए बस से निकली। मैनपुरी से नोएडा की दूरी 300 किमी से ज्यादा है।
2. ग्रेटर नोएडा पर उतर गई थी
भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा गलती से परी चौक पर उतर गई थी। फिर यहां से नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगी। इसी बीच वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया।

3. ड्राइवर-कंडक्टर ने बस में बैठाया
ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बस में बैठा लिया। उन्होंने बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की।
4. फिर गैंगरेप किया और धमकी दी
छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
5. कश्मीरी गेट के पास छोड़कर फरार
आरोप है कि दोनों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। छात्रा ने रात में ही कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी।
6. दोनों आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है।

बस का नंबर UP-83 है, यह यूपी के फिरोजाबाद में रजिस्टर्ड है।

बस के अंदर का गलियारा है, जिसमें एक आरोपी की शर्ट नीचे पड़ी हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद आरोपी उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर (नोएडा) की एक वर्कशॉप में ले गए थे।
मरम्मत पूरी होने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर छात्रा ने रुकने का इशारा किया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने बस के पर्दे वाले अंदरूनी हिस्से का इस्तेमाल देर रात सफर के दौरान अपराध छिपाने के लिए किया। इससे बाहर से गुजर रहे लोग अंदर नहीं देख सके।

14 साल पहले दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था, चलती बस में गैंगरेप हुआ था
16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में 23 साल की युवती के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया। उसके प्राइवेट पार्ट में सरिया डाला गया था। गंभीर चोटों के चलते युवती को सिंगापुर रेफर किया गया, जहां 29 दिसंबर को अस्पताल में मौत हो गई। मामले में दिल्ली समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुआ। मीडिया में इसे निर्भया केस नाम दिया गया।
मामले में 6 लोग आरोपी बनाए गए थे। एक आरोपी नाबालिग था, एक आरोपी ने जेल में सुसाइड कर लिया था। चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई गई। चारों को 20 मार्च 2020 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई।
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