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किशनगंज पुलिस ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए “पुलिस दीदी” व्यवस्था को हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ दिया है। अब पुलिस दीदी की गतिविधियों, गश्त, कार्रवाई और क्षेत्र भ्रमण की निगरानी रियल टाइम में की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत जिले के आठ थाना क्षेत्रों में तकनीक आधारित मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है, जिससे पुलिस अधिकारियों को हर दिन की गतिविधियों की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के उद्देश्य से चलाए जा रहे पुलिस दीदी कार्यक्रम को अब आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। इसके तहत पुलिस कर्मियों को एक विशेष मोबाइल एप उपलब्ध कराया गया है, जिसमें उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी दर्ज होगी। पुलिस कर्मी किस क्षेत्र में गए, कितनी देर तक रहे, किस प्रकार की कार्रवाई की और किन लोगों से संवाद किया, इसकी जानकारी सीधे कंट्रोल सिस्टम में अपडेट होगी। पुलिस दीदी का लोकेशन होगा रिकॉर्ड एसपी ने कहा कि यह व्यवस्था पूरी तरह मैप आधारित है। पुलिस दीदी की टीम जहां भी जाएगी, उसका लोकेशन रिकॉर्ड होगा और मैप पर उसकी स्थिति देखी जा सकेगी। किसी पुलिस कर्मी ने किस दिन किस क्षेत्र का दौरा किया, इसकी जानकारी भी सुरक्षित रहेगी। इससे न केवल पुलिस कर्मियों की जवाबदेही बढ़ेगी बल्कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। सुरक्षा के लिए 29 हॉट स्पॉट पर रखी जा रही निगरानी उन्होंने बताया कि जिले में कुल 29 हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन स्थानों पर पुलिस दीदी की टीम नियमित रूप से पहुंचकर लोगों से संवाद करेगी, छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देगी तथा किसी भी प्रकार की समस्या मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेगी। जिले में पुलिस दीदी कार्यक्रम के तहत कुल 47 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें आठ पुलिस पदाधिकारी और 37 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा टीमों को तेज और प्रभावी गश्त के लिए 15 स्कूटी भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन स्कूटियों के माध्यम से पुलिस दीदी की टीम आसानी से स्कूल, कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों तक पहुंच सकेगी। स्कूटी के वितरण की बात करें तो किशनगंज सदर क्षेत्र को तीन स्कूटी दी गई हैं। महिला थाना को दो स्कूटी, बहादुरगंज थाना को दो, पोठिया थाना को एक, ठाकुरगंज थाना को तीन, दिघलबैंक थाना को एक, कोचाधामन थाना को दो तथा पौआखाली थाना को एक स्कूटी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यालय स्तर पर भी महिला सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। कंट्रोल रूम से आई तस्वीरें…. अधिकारी के मोबाइल इंस्टॉल किया एप एसपी संतोष कुमार ने बताया कि सभी पुलिस कर्मियों के लॉगिन आईडी बनाए गए हैं और प्रत्येक अधिकारी के मोबाइल में विशेष एप इंस्टॉल किया गया है। इस एप के माध्यम से उन्हें अपने दैनिक कार्यों की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस दीदी की टीम कितनी सक्रिय रही और कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए गए, इसकी जानकारी सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचेगी। इससे कार्यों की पारदर्शिता बढ़ेगी और बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी। पीड़ितों को जल्द सहायता देना उद्देश्य पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस दीदी कार्यक्रम को इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से भी जोड़ा गया है। किसी भी आपात स्थिति में प्राप्त सूचना के आधार पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजा जा सकेगा। इससे महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और पीड़ितों को जल्द सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऑनलाइन ब्रीफिंग भी आयोजित की जा रही है। इन बैठकों के माध्यम से पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं और उनके कार्यों की समीक्षा की जाती है। तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाया जा रहा है।
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किशनगंज पुलिस ने 'पुलिस दीदी' की हर गतिविधि की हाईटेक:अब मैप पर दिखेगी लोकेशन, 8 थाना क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यवस्था लागू
