जमुई कांड: आरोपी का फुल एनकाउंटर होना चाहिए था:पीड़ित छात्र के माता-पिता बोले- वीडियो देखकर होश उड़ गए थे, बेटे पर मां को गर्व




“एनकाउंटर तो हुआ, लेकिन इससे भी बड़ा एनकाउंटर होना चाहिए था। जिस तरह की हरकत आरोपियों ने की है, उसके लिए फुल एनकाउंटर जरूरी था।” ये कहना है जमुई कांड में पीड़ित छात्र के पिता का…उन्होंने कहा- मेरे बेटे के साथ जो हुआ उसे देखकर मेरे होश उड़ गए थे। मुझे समझ नहीं आ रहा था मैं क्या करूं। दरअसल, 19 सितंबर की शाम 7 बजे जमुई में सरेआम 10वीं छात्रा से कुछ आरोपियों ने बदसलूकी और छेड़खानी की। इस दौरान आरोपियों ने लड़की के साथ मौजूद उसके दोस्त के साथ भी मारपीट की। आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया था। घटना के 8 दिन बाद पीड़त परिवार ने दैनिक भास्कर से बात की। इस दौरान उन्होंने कई खुलासे किए। घटना को लेकर मां-पिता ने क्या-क्या बताया, कैसे घटी पूरी घटना पढ़िए… 20 सितंबर को स्टाफ ने भेजा वीडियो लड़के के पिता ने भास्कर को बताया, 19 सितंबर की रात 9.30 बजे मेरा बेटा घर आया। उसके शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान थे। जब मैंने उससे पूछा कि ये क्या हो गया है? कहां से चोट लगाई। इसपर उसने सिर्फ इतना कहा- मैं गिर गया था। अब मैं सोने जा रहा हूं, मुझे अभी उठाना मत। उसने रुम बंद किया और उसी हालत में सो गया। जब उसकी मां ने खाना के लिए उसे बुलाया तो वो बाहर नहीं निकला और कहा- मुझे भूख नहीं है। अगले दिन देर तक सोता रहा। रविवार का दिन था, इसलिए हमलोगों उसे नहीं उठाया। दोपहर तक जब बेटा अपने रुम से बाहर नहीं आया तो मैंने उसे खाने के लिए बुलाया। इसपर उसने कहा- मेरी तबियत ठीक नहीं है। मैं नहीं खाऊंगा। मैंने सोचा शायद मौसम बदल रहा है तो फीवर होगा उसे, इसी वजह से हमने उसके मनपंसद का खाना बाहर से मंगवाकर उसके कमरे में रख दिया। रविवार था तो मैं कॉलोनी के कुछ दोस्तों के साथ बाहर घूम रहा था। इसी दौरान शाम 5 बजे मेरे ऑफिस के एक स्टाफ का मुझे फोन आया। उन्होंने कहा-आपके बेटे को कुछ लोग मार रहे हैं। आप पता कीजिए कि वह कहां है और जाकर उसे देखिए। इसके बाद स्टाफ ने मेरे वॉट्सऐप पर घटना का वायरल वीडियो भेजा। मैंने ने जैसे ही वीडियो देखा, मेरे होश उड़ गए। मैं डर गया था। मुझे समझ नहीं आया कि मेरे बच्चे के साथ ये क्या हो गया। वीडियो देखते ही मैं तुरंत घर की तरफ भागा। वहां पहुंचकर देखा कि बेटा अपने कमरे में लेटा हुआ था। ‘डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं’, फिर बेटे ने बताई पूरी कहानी घर पहुंचने के बाद मैंने बेटे को वायरल वीडियो दिखाया और उससे पूरी बात पूछी। शुरुआत में बेटे ने कुछ नहीं बताया। वो डर रहा था, इसपर मैंने उससे कहा- डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं। अब जो हो गया, उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए। इसके बाद बेटे ने पूरी घटना के बारे में मुझे डिटेलिंग में बताया। उसने कहा, वह अपनी दोस्त के साथ ट्यूशन गया था। उस दिन मौसम अच्छा था, इसलिए ब्रेक टाइम में दोनों पहाड़ की तरफ घूमने चले गए। बेटे के मुताबिक, उन्हें अंदाजा नहीं था कि उस दिन उनके साथ इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। बेटे ने बताया, शाम करीब 6:15 बजे दोनों पहाड़ की तरफ गए थे। करीब 7 बजे वहां से लौटते समय कुछ लड़कों ने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। लड़की के साथ बदसलूकी की गई। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उनलोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पिता ने बताया, बेटे ने मुझे पूरी घटना विस्तार से बताई, लेकिन कहानी बताते-बताते वह फिर घबरा गया। उसकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद मैंने उसे रोकते हुए कहा- अब तुम घबराओ मत आगे जो करना होगा, हमलोग देखेंगे। घटना के बाद पढ़ाई में नहीं लग रहा मन पिता ने भास्कर से बातचीत में कहा- घटना के बाद से मेरा बेटा मानसिक रूप से परेशान है। उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। वो पूरे दिन इसी घटना को लेकर सोचते रहता है। मैंने बेटे को समझाया कि इस बार वो 10th का बोर्ड देगा इसलिए उसे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। धीरे-धीरे इन बातों को पीछे छोड़ना चाहिए। बेटा पूरी तरह अपनी सामान्य जिंदगी में लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस घटना का असर खत्म होने में समय लगेगा। पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, प्रशासन को जैसे ही वीडियो की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने बच्चों से घटना के बारे में जानकारी ली और परिवार को भी समझाया कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम बिहार और जमुई पुलिस को तहे दिल से धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने क्विक एक्शन लिया। आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं। ‘आरोपियों को सोचना चाहिए था, उनके घर में भी मां-बहन हैं’ पिता ने कहा, आरोपियों को यह सोचना चाहिए था कि उन्होंने एक बच्ची के साथ इस तरह की हरकत क्यों की। आरोपियों के अपने घर में भी मां, बहन और भाभी हैं। गांव में भी लड़कियां और महिलाएं हैं। किसी के साथ इस तरह की हरकत करना बेहद गलत है। उन्होंने समाज में ऐसी घटनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। पीड़ित पिता ने कहा, इस तरह की हरकतों के खिलाफ समाज को संवेदनशील होना होगा। ‘बच्चों को डांटें नहीं, प्यार से समझाएं और नैतिक शिक्षा दें’ पिता ने समाज के लोगों से अपील की कि बच्चों के प्रति संवेदनशील रहें। उन्हें प्यार दें और नैतिक शिक्षा दें। बच्चों से अच्छे से बात करें। अगर बच्चे कोई गलती करते हैं तो उन्हें सिर्फ डांटने की जगह समझाएं और सही रास्ता बताएं। उन्होंने कहा, कम उम्र के बच्चे धीरे-धीरे दुनिया को समझ रहे होते हैं। उन्हें यह सीखने में समय लगता है कि जिंदगी में कैसे आगे बढ़ना है। इसी वजह से माता-पिता और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें सही दिशा और अच्छी शिक्षा दें। उन्होंने सभी पेरेंट्स से अपील की है कि वे बच्चों को अच्छा संदेश दें और उन्हें सही-गलत की समझ बढ़ाने में मदद करें। सोशल मीडिया से वीडियो हटाया जाए पिता ने सोशल मीडिया पर वायरल घटना के वीडियो को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि लोग इस वीडियो को आगे शेयर या वायरल न करें। जितनी जल्दी हो सके, ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया से हटाया जाना चाहिए। यह बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है। दोनों बच्चे हमारे अपने हैं। हमें उनके भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने जमुई पुलिस और समाज के लोगों से अपील की कि वीडियो को आगे वायरल होने से रोकने में सहयोग करें। ऐसी चीजों को फैलाने के बजाय रोकने की कोशिश की जानी चाहिए। अब पढ़िए लड़के की मां ने क्या बताया… दो दिन तक उसने कुछ खाया-पीया नहीं पीड़ित छात्र की मां ने भास्कर को बताया, 20 सितंबर की शाम जब मेरे पति घर आए तो बहुत डरे हुए थे। मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ है? इसपर उन्होंने पहले बेटे के बारे में पूछा फिर वॉट्सएप पर एक वीडियो दिखाया। इसके बाद हमलोग बेटे के कमरे में गए उससे बात करने के लिए। बेटे ने बताया, ये घटना कल हुई थी। आज से वीडियो वायरल हो रहा है। इस दौरान उसने अपने साथ हुए पूरी घटना को अच्छे से डिटेल में बताया। हमारे लिए ये 7 दिन बहुत ही टफ था, लेकिन अब धीरे-धीरे हमलोग बैक टू दी नॉर्मल लाइफ आ गए हैं। इसके लिए मुझे प्रशासन से बहुत अच्छे से सपोर्ट मिला है। मां ने बताया, घटना के बाद से वो बहुत चुप-चुप रह रहा था। बच्चा काफी शॉक में था। करीब दो दिन तक उसने ठीक से खाना-पीना नहीं किया। खाना देने पर वह कहता था कि ‘पेट में अजीब लग रहा है, खाने का मन नहीं कर रहा।’ हमलोगों के समझाने पर अब वो थोड़ा नॉर्मल हुआ है। हमलोग लगातार उसे संभाल रहे हैं और उसकी पढ़ाई पर दोबारा ध्यान लगाने की कोशिश कर रहे हैं। बिजनेसमैन बनना चाहता है बेटा मां ने आगे बताया, पढ़ाई में मेरा बेटा अच्छा है, लेकिन इस घटना की वजह से थोड़ा डिस्टर्ब हो गया है। अब देखते हैं वो 10th में क्या करेगा। उसका सपना बिजनेसमैन बनने का है। वह आगे चलकर खुद रोजगार करने के साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार देना चाहता है। अब भगवान पर है उसकी विशेश को पूरा करें। जब भास्कर ने उनसे सवाल किया कि इस घटना के बाद जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें आपके बेटे की हर जगह तारीफ हो रही है। इसपर आप क्या कहना चाहेंगी। उन्होंने कहा- मुझे बहुत प्राउड फील हुआ। दोनों ने मिलकर उस परेशानी का सामना किया। कोई भी किसी को छोड़कर भागा नहीं। यह प्रशंसा के योग्य है, लेकिन मैं चाहती हूं कि ऐसी हिम्मत और एक-दूसरे का साथ देना सामान्य बात हो। ये नेचर हर बच्चों में होना चाहिए। ये सभी के लिए नॉर्मल होना चाहिए। इसके लिए किसी बच्चे की अलग से तारीफ करने की जरूरत न पड़े। समाज के हर बच्चे और हर व्यक्ति में ऐसी भावना होनी चाहिए, ताकि आपराधिक मानसिकता रखने वाले लोगों में डर पैदा हो। वीडियो देखकर मैं एकदम ब्लैंक हो गई थी। समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। सबसे पहले मैंने भगवान को धन्यवाद दिया कि उन्होंने हमारे बच्चों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया। गंदा कंटेंट सिर्फ बच्चों को नहीं, बड़ों पर भी प्रभावित’ मां ने सोशल मीडिया पर आने वाले अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि यह समस्या केवल बच्चों तक सीमित नहीं है। इसका असर हर उम्र के लोगों पर पड़ सकता है। कई बार कोई व्यक्ति खुद ऐसे कंटेंट को सर्च नहीं करता, फिर भी वह सोशल मीडिया पर सामने आ जाता है। एक बार गलती से उस पर क्लिक हो जाए तो इसी तरह के कंटेंट लगातार दिखाई देने लगते हैं। बड़े लोग तो उसके बारे में समझ सकते हैं, लेकिन बच्चों को इसकी सही-गलत जानकारी नहीं होती। ‘बच्चों को फोन से दूर करना आसान नहीं’ मां ने कहा, आज के समय में बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह दूर करना संभव नहीं है, क्योंकि पढ़ाई, होमवर्क, क्लासवर्क और ऑनलाइन क्लास तक मोबाइल पर निर्भर हैं। ऐसे में बच्चों को फोन से दूर करने की जगह उन्हें सही-गलत की जानकारी देना और उनकी निगरानी करना जरूरी है। माता-पिता को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए और घर पर ही उन्हें मोरल एजुकेशन देनी चाहिए। मां ने समाज के लोगों से भी अपने स्तर पर जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा, हर जगह कोई दूसरा व्यक्ति सुधार करने नहीं पहुंच सकता। बदलाव की शुरुआत खुद से करनी होगी। दूसरा क्या गलत कर रहा है, यह देखने से पहले खुद को देखिए कि मैं क्या गलत कर रहा हूं। अगर हर व्यक्ति खुद को सुधारने की कोशिश करे तो समाज अपने आप सुधरने लगेगा। ऐसी शिक्षा और जागरूकता केवल बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है। 18 साल से ऊपर के लोगों पर भी आपत्तिजनक कंटेंट का बुरा असर पड़ सकता है। ‘सरकार ऐसे कंटेंट पर रोक लगाए’ मां ने सरकार से सोशल मीडिया पर इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगाने की अपील की। मैं सरकार से अपील करूंगी कि इस तरह के कंटेंट पर रोक लगाई जाए, ताकि खासकर बच्चों को ऐसी मानसिकता के बीच जीवन न जीना पड़े। हर बच्चे का अधिकार है कि वह स्वस्थ और सुरक्षित माहौल में जीवन जिएं। जो वायरल वीडियो था, उसमें क्या क्या दिखा.. पढ़िए… “शादी कराओ, शादी कराओ, इसको मंदिर लेकर चलो।” चारों ओर भीड़ थी। टॉर्च लाइटें जल रही थीं, जिसमें सबके चेहरे सिर्फ दिख रहे थे। कोई भी व्यक्ति पूरे कपड़े में नहीं था। कोई लूंगी तो कोई हाफ ड्रेस में था। मिट्टी से सने, हट्ठे-कट्ठे युवक थे। आसपास अंधेरा था। शाम ढलने के कारण पूरा इलाका सुनसान था। चारों से से शादी कराओ, शादी कराओ, आवाज आ रही थी। इसी दौरान लड़की कहती है- “सॉरी भैया, प्लीज-प्लीज। हमलोग ऐसा नहीं हैं। हम एक ही स्कूल के, एक ही क्लास में पढ़ते हैं। हम यहां घूमने आए थे। हम बेस्ट फ्रेंड हैं इसके। बेस्ट फ्रेंड मतलब शादी नहीं होता है।” लड़की कहती है- “आज के बाद से कभी नहीं आएंगे। प्लीज भैया, जाने दीजिए… प्लीज-प्लीज…” लड़की तेज आवाज में “प्लीज” कहती है। इसके बाद भीड़ में से आवाज आती है- “चिल्लेवही गे… चिल्लेवही…” यानी, “चिल्लाएगी तुम।” इसके बाद लड़की के प्राइवेट पार्ट पर थप्पड़ मारा जाता है। उधर से दो लड़के कहते हैं- “आईडी दिखाओ।” लड़का पूछता है- “आईडी कहां?” इसके बाद लड़का अपनी आईडी दिखाता है। अब जानिए क्या है जमुई बैड टच कांड 19 सितंबर को जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 साल की छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया गया था। इसका वीडियो 21 सितंबर को सामने आया। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जानकारी 21 सितंबर को मिली, जिसके बाद पीड़िता की पहचान कर केस दर्ज किया गया। इसके लिए SIT बनाई गई। वीडियो में दिख रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया, जबकि मुख्य आरोपियों के रूप में बताए जा रहे हरेराम यादव और नंदन यादव का 22 सितंबर को एनकाउंटर किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों नदी किनारे झाड़ियों में छिपे मिले; हरेराम को पकड़ने के दौरान वह घायल हुआ, जबकि नंदन के पुलिस पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ। फिलहाल, नंदन का अस्पताल में इलाज चल रही है। वहीं, हरेराम को पुलिस ने 23 सितंबर को कोट में पेश कर 14 दिन के न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया है। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है, जिनमें एक बालिग को जेल और नाबालिगों को बाल न्याय बोर्ड के समक्ष भेजा गया है। वहीं, वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी साइबर कार्रवाई की जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *