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हैदराबादकुछ ही क्षण पहले
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हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों ने बुधवार देर शाम कैंपस में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री दिखाई। एक स्टूडेंट के मुताबिक, यह स्क्रीनिंग जेल में बंद एक्टिविस्ट उमर खालिद के सपोर्ट में रखी गई। डॉक्यूमेंट्री का नाम ‘प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट’ है।
इस डॉक्यूमेंट्री को फिल्ममेकर ललित वाचानी की इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग IIIT हैदराबाद में रद्द कर दी गई थी। विरोध में NALSAR के स्टूडेंट्स ने इसकी स्क्रीनिंग की।
IIIT हैदराबाद में 8 स्टूडेंट्स पर एक्शन की चेतावनी
IIIT हैदराबाद ने एक कैंपस प्लेटफॉर्म से जुड़े 8 स्टूडेंट्स पर एक्शन की चेतावनी दी थी।यह प्लेटफॉर्म जाति, मेरिट और राजनीति पर बातचीत शुरू करना चाहता था, लेकिन इस ग्रुप को अनुमति नहीं मिली थी।
ये छात्र ‘नो टायरंट्स, नो साइलेंस’ से जुड़े हैं। NTNS ने 18 सितंबर को IIIT हैदराबाद कैंपस में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री दिखाने का प्रस्ताव रखा था। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की आपत्ति के बाद यह स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई थी।
CBFC ने कानून का हवाला दिया था
CBFC ने 17 सितंबर को कहा था कि बिना सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट्री की पब्लिक स्क्रीनिंग सिनेमैटोग्राफ एक्ट का उल्लंघन होगी। बोर्ड ने यह भी कहा था कि ऐसी स्क्रीनिंग के लिए खास छूट लेना जरूरी है।
ABVP बेंगलुरु ने 19 सितंबर को दावा किया था कि नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSUI) में डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई है।
यह स्क्रीनिंग पहले टाल दी गई थी। यूनिवर्सिटी में इसे दिखाने का प्रस्ताव था, लेकिन RSS से जुड़े छात्र संगठन ABVP ने इसका कड़ा विरोध किया था।
फरवरी 2020 के दंगों में आरोपी हैं उमर खालिद
उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के तहत केस दर्ज है। उन्हें दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों का ‘मुख्य साजिशकर्ता’ बताया गया है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

