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छठी मैया की भक्ति में रंगा बॉलीवुड:तमन्ना के बाद शरवरी के बिहारी अंदाज ने खींचा ध्यान, नाक तक नारंगी सिंदूर लगाए दिखीं बॉलीवुड एक्ट्रेस




बॉलीवुड फिल्मों में इन दोनों बिहार के महापर्व छठ की छटा देखने को मिल रही है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ फॉरेस्ट’ में छठ पर्व को प्रमुखता से दिखाया गया है। अब आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ स्टारर फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ में भी छठ पर्व की झलक देखने को मिल रही है। दरअसल, इस फिल्म का टाइटल ट्रैक रिलीज हुआ है, जिसमें आयुष्मान और शरवरी छठ पूजा करते नजर आ रहे हैं। इस गाने को श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। नाक तक नारंगी सिंदूर लगाए दिखीं शरवरी गाने की खास झलक में शरवरी वाघ को छठ पूजा करते हुए दिखाया गया है। वह हाथ में सूप लिए और नाक तक नारंगी सिंदूर लगाए नजर आती हैं। उनके साथ आयुष्मान खुराना कमर भर पानी में खड़े हैं और पूजा में मदद कर रहे हैं। दोनों के इस पारंपरिक लुक ने खास तौर पर बिहार और पूर्वांचल के दर्शकों का ध्यान खींचा है। छठ पूजा के दृश्यों के जरिए फिल्म में बिहार की लोक संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं को भी जगह दी गई है। ‘छठी मईया सुनीं लीं विनती हमार…’ हुआ था रिलीज़ इससे पहले बॉलीवुड फिल्म ‘द वन : फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का गाना ‘छठी मईया सुनीं लीं विनती हमार…’ रिलीज हुआ था। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में हैं। इस लुक में तमन्ना लाल रंग की साड़ी पहने हुए हैं, जो छठ पर्व के लिए बेहद पवित्र और शुभ मानी जाती है। उन्होंने बिहारी परंपरा के अनुसार नाक की सीध तक लंबा लाल सिंदूर लगा रखा है। वह पानी के अंदर पूरी तरह भक्ति भाव और आस्था में डूबी हुई छठ पूजा की रस्में निभाती दिख रही हैं। उनके खुले बाल और हाथों में पूजा की टोकरी है। चेहरे पर सादगी और भक्ति का भाव, पीछे सूर्य को अर्घ्य देती नजर आ रही हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ और घाट का मनमोहक दृश्य है। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। छठी मैया से जो जुड़ाव महसूस किया, शब्दों में बयां करना मुश्किल- तमन्ना अपने एक्सपीरियंस के बारे में तमन्ना ने कहा था कि, ‘सच कहूं तो छठ पूजा की ताकत और लोगों की आस्था देखकर मैं हैरान थी। छठी मैया के साथ जो जुड़ाव मैंने महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मुझे लगा कि मैं उनसे बहुत गहराई से जुड़ गई हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘छठ पूजा ‘द वन’ का एक बेहद अहम हिस्सा है और मैं इस परंपरा को किसी और तरह से महसूस नहीं करना चाहती थी।’ ऐसे आया निर्माता को फिल्म बनाने का ख्याल इस फिल्म की मूल कहानी पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित करीब 400 साल पुराने ‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ी लोककथा पर आधारित है। इस फिल्म के निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि अखिर कैसे उन्होंने वन मंदिर से प्रेरित होकर इस फिल्म का विचार आया। उन्होंने कहा कि मेरी मां दुर्गा पूजा के दौरान देवी मंदिरों में ले जाया करती थीं। इसी दौरान पटना से करीब 35 किमी दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर भी गए थे। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा ने इस मंदिर की स्थापना की थी। उस समय क्षेत्र के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। इससे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के 10 रूपों की प्रार्थना की, जिनमें से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। अरुणाभ ने कहानी निर्देशक दीपक मिश्रा और एकता कपूर को सुनाई। एकता कपूर ने इसे बड़े पर्दे पर लाने का सुझाव दिया।



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