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औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में मंगलवार को 20 ग्राम पंचायतों में एक साथ ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। पंचायत स्तर पर आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके गांव के नजदीक सुनना और सरकारी योजनाओं-सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, कृषि, छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजन सहायता सहित कई मामलों की सुनवाई की गई। पूर्व से लंबित कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को राहत दी गई। इससे लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए प्रखंड अथवा जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। जिला प्रशासन की ओर से शिविरों को प्रभावी बनाने के लिए हर पंचायत में अधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को व्यवस्थाओं और शिविर के सफल संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद का बेहतर प्रदर्शन औरंगाबाद प्रखंड की पोखराहा पंचायत के उच्च विद्यालय, जगदीशपुर परिसर में आयोजित सहयोग शिविर की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने की। शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद डीएम, एसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने डीएम-एसपी को पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना’ है। आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जिले में सहयोग शिविर से प्राप्त मामलों के निष्पादन की दर 98 प्रतिशत से अधिक है। अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगे थे पोखराहा पंचायत में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग काउंटर और स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभुकों से आवेदन भी लिए गए। डीएम ने कहा कि राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, मनरेगा जॉब कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सहित अन्य योजनाओं से संबंधित जानकारी और सहायता लोगों को शिविर में उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, किसानों, युवाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे शिविर में पहुंचकर अपने लिए पात्र योजनाओं की जानकारी लें और पात्रता होने पर आवेदन जरूर करें। शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सात निश्चय-2 के तहत नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर ग्रामीणों को दवा वितरण, नेत्र जांच, रक्त जांच, रक्तचाप जांच, आयुष्मान भारत कार्ड और यूडीआईडी कार्ड समेत विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा और राजस्व विभाग के स्टॉलों पर भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। लाभुकों को बांटे गए प्रमाण-पत्र, प्रशासन ने कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ सहयोग शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने विभिन्न लाभुकों के बीच वासगीत पर्चा, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र का वितरण किया। वहीं, पोषण माह के तहत डीएम और एसपी की मौजूदगी में गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने आसपास के पात्र लोगों को भी योजनाओं की जानकारी दें, ताकि कोई व्यक्ति केवल जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में सरकारी लाभ से वंचित न रहे। समाधान न हो तो करें शिकायत उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रशासन जनता के द्वार तक पहुंचे, समस्याओं को सुने और उनके समाधान को सुनिश्चित करे। यदि किसी नागरिक की समस्या का समाधान शिविर में नहीं हो पाता है, तो वह sahyog.bihar.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1100 पर भी शिकायत की जा सकती है। नागरिकों से प्रशासन ने फीडबैक और सुझाव देने की भी अपील की।
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औरंगाबाद की 20 पंचायतों में एक साथ सहयोग शिविर:मौके पर निपटाए गए लंबित मामले, प्रखंड-जिला मुख्यालय के चक्कर से मिली राहत
