Headlines

जन सुराज में शामिल हुईं MLC प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति:30 साल से 5 बार MLC रहे प्रतिनिधि पर साधा निशाना, समान वेतन-पेंशन नीति को बनाया मुद्दा




पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव की तैयारी कर रहीं डॉ. दिव्या ज्योति ने प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी की सदस्यता ले ली है। पटना में पार्टी की सदस्यता लेने के बाद शनिवार को उन्होंने बिहारशरीफ स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की। उन्होंने जन सुराज से जुड़ने के कारण बताए और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। एक साल से शिक्षकों के बीच काम करने का दावा डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि वह पिछले एक साल से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पटना, नालंदा और नवादा जिलों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के बीच काम कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं और उनकी मांगों को करीब से समझा। उन्होंने कहा कि जन सुराज विकास, युवा, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक बदलाव के मुद्दों पर काम करने वाला मंच है। उनके मुताबिक बिहार को नए नेतृत्व और बदलाव की जरूरत है। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रशांत किशोर के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पार्टी से जुड़ने का फैसला लिया। मौजूदा एमएलसी पर साधा निशाना डॉ. दिव्या ज्योति ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान एमएलसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बिहार का महत्वपूर्ण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र है, लेकिन पिछले 30 वर्षों में पांच बार एमएलसी रहे प्रतिनिधि ने शिक्षकों के हित में ठोस काम नहीं किया। उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दिए जाते रहे हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस पर हुए कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के माध्यम से बयान दिलवाकर चुनावी माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

समान वेतन से पेंशन तक उठाएंगी मुद्दे प्रेस वार्ता में उन्होंने शिक्षकों की कई मांगों को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने समान काम के लिए समान वेतनमान, सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ और स्पष्ट सेवा नियमावली की मांग रखी। इसके अलावा वरीयता के आधार पर प्रोन्नति, सुरक्षित और पारदर्शी स्थानांतरण नीति, सम्मानजनक पेंशन और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कराने की बात कही। उन्होंने डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर भी सरकार की नीतियों का विरोध करने की बात कही। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों को नौकरशाही के अधीन करने की नीति का विरोध किया जाएगा। महिला शिक्षकों में बदलाव की उम्मीद का दावा डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि जनसंपर्क अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों से उन्हें समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों में बदलाव को लेकर उम्मीद है और महिला शिक्षकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षकों के समर्थन से उन्हें विधान परिषद पहुंचने का मौका मिलता है तो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सदन में महिला प्रतिनिधि के तौर पर शिक्षकों की आवाज उठाएंगी। उन्होंने इसे आधी आबादी की आवाज को सदन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर बताया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *