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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला इकाई के तत्वावधान में शनिवार को जिले को आधिकारिक तौर पर ‘बाढ़ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, छात्र संगठन AISF के प्रतिनिधि और बाढ़ पीड़ित ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम के तहत कम्युनिस्ट पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता पहले जिला मुख्यालय स्थित ट्रैफिक चौक पर एकत्रित हुए। वहां से हाथों में लाल झंडे और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के उत्तरी द्वार कैंटीन चौक पहुंचे। कैंटीन चौक पर कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय को तत्काल बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक जनगीत गाकर अपना विरोध दर्ज कराया
प्रदर्शन के दौरान अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने लाल झंडा लहराते हुए पारंपरिक जनगीत गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। माइक पर गूंजते जनगीतों और महिलाओं के बुलंद हौसले ने प्रदर्शन स्थल के माहौल को बेहद गर्मजोशी से भर दिया। प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर एसडीओ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) और पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। लगभग 1 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। बेगूसराय बाढ़ग्रस्त क्षेत्र’श घोषित नहीं किया गया प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट से बाहर आकर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सीपीआई के जिला सचिव अवधेश राय ने कहा कि बेगूसराय में पिछले कई वर्षों के बाद इतनी भयंकर और भयावह बाढ़ आई है। राज्य के मुख्यमंत्री, कई मंत्री और बड़े अधिकारियों ने लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, लेकिन इसके बावजूद बेगूसराय को आधिकारिक तौर पर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र’श घोषित नहीं किया गया है। अवधेश राय ने बताया कि जिला बाढ़ग्रस्त घोषित न होने से हर प्रभावित परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राहत राशि पर अनिश्चितता बनी हुई है। बड़े पैमाने पर डूब चुकी फसलों के मुआवजे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मवेशियों के लिए समुचित चारे के प्रबंध में परेशानी आ रही दिक्कहैतें। जिला मंत्री ने बताया कि डीएम से हुई वार्ता सकारात्मक रही। डीएम ने आश्वासन दिए हैं। प्रभावित परिवारों को जीआर राशि दी जाएगी जिला मंत्री ने बताया कि आधिकारिक घोषणा का अधिकार राज्य सरकार के पास है, लेकिन जिला प्रशासन भाकपा और बाढ़ पीड़ितों की भावनाओं की कद्र करते हुए सरकार को रिपोर्ट भेजेगा। सभी प्रभावित परिवारों को जीआर राशि दी जाएगी। फसल नुकसान की रिपोर्ट में यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो शिकायत मिलने पर उसे दुरुस्त कर मुआवजा सुनिश्चित कराया जाएगा। आश्वासन दिया गया है कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में भोजन व राशन की व्यवस्था जारी रहेगी। हमलोगों ने मांग रखी है कि आगामी कार्तिक महीने तक खेत-मजदूरों को काम नहीं मिलेगा, इसलिए गांवों में सस्ती रोटी या सस्ते अनाज की दुकानें चलाई जाएं, जिस पर डीएम ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। सीपीआई नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरकार जल्द ही बेगूसराय को बाढ़ग्रस्त घोषित कर राहत कार्यों में तेजी नहीं लाती है, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन में पूर्व विधायक रामरतन सिंह, पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान, एआईएसएफ (AISF) के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा, जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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बेगूसराय को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग:CPI कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट घेरा; फसल-मुआवजा-राहत राशि पर सवाल, DM बोले- सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे
