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खाद की कालाबाजारी पर किसानों का प्रदर्शन:ताजपुर में CM का पुतला फूंका; 16 सितंबर को DM ऑफिस पर धरने का ऐलान




समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड में खाद की कमी और कालाबाजारी के खिलाफ किसानों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। अखिल भारतीय किसान महासभा की ताजपुर प्रखंड कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसानों ने मोतीपुर सब्जी मंडी में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाने, किसानों और खुदरा खाद विक्रेताओं को सही दाम पर खाद उपलब्ध कराने समेत कई मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। तय कीमत से ज्यादा में खाद खरीदने का आरोप प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि खेती के अहम समय में पर्याप्त खाद नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है। किसानों के अनुसार, सरकार खाद उपलब्ध होने का दावा कर रही है, लेकिन बाजार में जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि कालाबाजारी के कारण उन्हें तय कीमत से ज्यादा पैसे देकर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ऑनलाइन और QR कोड भुगतान की अनिवार्यता खत्म करने की मांग जुलूस के बाद हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने खाद की कमी और कालाबाजारी की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की, ताकि किसानों को समय पर उचित दर पर खाद मिल सके। किसान महासभा ने खाद खरीद में ऑनलाइन प्रक्रिया और क्यूआर कोड से भुगतान की अनिवार्यता खत्म करने की भी मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों के कई किसान अब भी डिजिटल भुगतान का आसानी से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में ऑनलाइन और क्यूआर कोड भुगतान की बाध्यता उनके लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर रही है। इसके अलावा किसानों के केसीसी ऋण माफ करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। 16 सितंबर को डीएम कार्यालय के सामने धरने का ऐलान सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसानों को खेती के लिए खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री समय पर और उचित दर पर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। जरूरी सामग्री के लिए भी किसानों को बाजार में अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होगी। वक्ताओं ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर किसान हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने घोषणा की कि 16 सितंबर को समस्तीपुर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में किसानों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है। किसान नेताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने की। इस दौरान राजदेव प्रसाद सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, कैलाश सिंह, मनोज कुमार सिंह, रंजीत कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता, रवींद्र शर्मा, महेन्द्र साह, राजेश कुमार, शंकर महतो, लाला प्रसाद सिंह, चंदन राय तथा भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह समेत अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। किसानों ने खाद की कालाबाजारी बंद करने, उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और अन्य मांगें पूरी करने के समर्थन में नारे लगाए। किसान नेताओं ने क्षेत्र के किसानों से 16 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।



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