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दुर्गापूजा, दीपावली और महापर्व छठ पर घर लौटने की तैयारी में जुटे परदेसी बिहारियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रेलवे की ओर से 60 दिन पूर्व टिकट बुकिंग की खिड़की खुलते ही महज कुछ ही मिनटों में बिहार आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में ‘हाउसफुल’ का बोर्ड लग रहा है। मंगलवार को 7 अक्टूबर की यात्रा के लिए आरक्षण विंडो खुलते ही दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य राज्यों से बिहार आने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीटें हवा हो गईं और यात्रियों को सीधे लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख ट्रेनों की सीटें चंद मिनटों में हुई फुल मंगलवार सुबह आरक्षण शुरू होते ही संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस और अजीमाबाद एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियों में सीटें चंद मिनटों में भर गईं। दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों में पढ़ाई, नौकरी और कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि वे हफ्तों से टिकट बुकिंग खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन निर्धारित समय पर लॉगिन करते ही आईआरसीटीसी के सर्वर ने धोखा दे दिया। सामान्य यात्रियों को टिकट न मिलने और कुछ ही पलों में पूरा कोटा समाप्त होने से रेलवे की बुकिंग व्यवस्था और दलालों के सिंडिकेट पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आम यात्री जहां तकनीकी दिक्कतों से जूझता रह जाता है, वहीं दलाल सॉफ्टवेयर के जरिए तुरंत टिकट काट लेते हैं। ट्रेनों में भारी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति, अब फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों पर टिकी नजरें नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति को देखते हुए अब प्रवासियों की एकमात्र आस रेलवे की ‘फेस्टिवल स्पेशल’ ट्रेनों पर टिक गई है। यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि भीड़ को देखते हुए अंतिम समय का इंतजार किए बिना अभी से पर्याप्त संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि त्योहारों पर घर वापसी सुगम हो सके।
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दिवाली, छठ में प्रवासियों का घर लौटना मुश्किल, ट्रेनें पैक:टिकट बुकिंग शुरू होते ही दूसरे राज्यों से बिहार आने वाली गाड़ियों की भरी सीट, लंबी वेटिंग
