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Delhi Building Collapse | Rahul Gandhi Statement & PM Modi Condolence


नई दिल्ली9 मिनट पहले

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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 2 स्टूडेंट्स की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी।

चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 9 का रेस्क्यू कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 स्टूडेंट्स रहते थे। हादसे के वक्त अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे।

हादसे को लेकर नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। पीएम मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अच्छे हॉस्टल की सुविधा न होने से छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और दुर्घटना से प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा-

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक है। खबरों के मुताबिक, कई लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं।

मैं NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दलों से अपील करता हूं कि हर संभव प्रयास करते हुए मलबे में फंसे एक-एक छात्र तक पहुंचें। घायलों को तत्काल सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी की जान बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।

कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। इस कठिन समय में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।

छात्रों का जीवन पहले से ही कई संघर्षों से भरा हुआ था, अब स्थिति जानलेवा हो गई है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त और अच्छे हॉस्टल की सुविधा न होने के कारण छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जहां कई बार एक ही छत के नीचे 40-40 छात्र अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर होते हैं।

हर छात्र का जीवन अनमोल है और हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा-

कल प्रधानमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा किया, राजनीतिक भाषण दिया और यहां तक ​​कि दिमागी नक्सल शब्द का भी इस्तेमाल किया, जबकि हमारी शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति के बारे में उन्होंने कुछ खास नहीं कहा।

आज दक्षिण परिसर में एक छात्रावास की इमारत ढह गई है और छात्रों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। हताहतों की संख्या अभी तक अज्ञात है। इस देश में छात्रों को कब तक खराब बुनियादी ढांचे और उपेक्षा की कीमत चुकानी पड़ेगी?

आदिवासी क्षेत्रों में देखभाल और सहायता की कमी के कारण आदिवासी छात्र मर रहे हैं, और यहां तक ​​कि राजधानी में पढ़ने वाले छात्र भी सुरक्षित नहीं हैं। छात्रों को सुरक्षित कक्षाएं, सुरक्षित छात्रावास और बुनियादी सम्मान मिलना चाहिए। क्या यह बहुत बड़ी मांग है? क्या प्रधानमंत्री दोबारा दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे और बताएंगे कि यह सब कैसे हुआ?

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा-

दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास इमारत गिरने की खबर बेहद दुखद है। मलबे के नीचे बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं, जिनमें कई छात्र भी शामिल हैं। मैं सभी के कुशल मंगल की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर सभी को सुरक्षित रखे।

मैं प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील करता हूं ताकि हर पीड़ित तक समय पर मदद पहुंच सके। एनएसयूआई और कांग्रेस के सहयोगी घटनास्थल पर यथासंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा-

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाल लिया जाए।

दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण पहले भी कई ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार को अपनी नींद से जागना होगा। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्रवाई की आवश्यकता है।

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दिल्ली में 5 मंजिला इमारत गिरी, 3 की मौत:दावा- हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग अंदर मौजूद थे; बेसमेंट में खुदाई हो रही थी

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी। मरने वालों में एक छात्र और एक मजदूर है, जबकि एक की पहचान अभी नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें…



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