Headlines

100 साल पुराने हरिसभा मंदिर में जन्माष्टमी की रौनक:राधा-कृष्ण का भव्य श्रृंगार, वाराणसी के वस्त्र, केरल-बंगाल के फूल




भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर शुक्रवार को मुजफ्फरपुर में हर तरफ भक्ति और उत्सव का माहौल है। शहर के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और आरती के बीच पूरा शहर कृष्णमय नजर आ रहा है। जन्माष्टमी का सबसे खास स्वरूप रज्जू साह लेन स्थित करीब 100 वर्ष पुराने हरिसभा राधा-कृष्ण मंदिर में देखने को मिल रहा है। यहां भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी हुई है और विशेष सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। हरिसभा राधा-कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान राधा-कृष्ण का विशेष महाशृंगार किया गया है। इसके लिए केरल और बंगाल से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। इन्हीं फूलों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया, जिससे मंदिर का गर्भगृह और दरबार बेहद आकर्षक नजर आ रहा है। भगवान राधा-कृष्ण को वाराणसी से मंगवाए गए विशेष वस्त्रों से सजाया गया है। विशेष पोशाक, पुष्प सज्जा और मंदिर की विद्युत सजावट के बीच राधा-कृष्ण का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। जन्म के समय होगी विशेष पूजा और आरती मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना और आरती होगी। इसके साथ ही भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जा रहा है। जन्म के समय मंदिर में भक्तों की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
पहली बार इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन मिठनपुरा स्थित इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। मुजफ्फरपुर में पहली बार इस्कॉन की ओर से अपने मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। शहर के दूसरे मंदिर भी कृष्ण भक्ति में डूबे हरिसभा और इस्कॉन मंदिर के अलावा सूतापट्टी, सरैयागंज, गोला रोड समेत शहर के अन्य राधा-कृष्ण मंदिरों में भी जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। जन्माष्टमी को लेकर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। कहीं भजन-कीर्तन तो कहीं विशेष पूजा और आरती का दौर चल रहा है। शाम होते-होते मंदिरों में भक्तों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
आधी रात को गूंजेगा नंद के घर आनंद भयो भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार श्रद्धालु बेसब्री से कर रहे हैं। आधी रात जन्म के समय मंदिरों में विशेष आरती और पूजा होगी। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का समय होगा, मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘हरे कृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठेंगे। मुजफ्फरपुर में जन्माष्टमी का यह उत्सव देर रात तक जारी रहेगा और शहर के मंदिरों में कृष्ण जन्म की खुशियां मनाई जाएंगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *